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राजस्थान: अलवर में सीजेपी नेता पर पुलिस कार्रवाई, अवैध हिरासत के आरोप खारिज
Fri, 09 Oct 2026 10:41 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 09 Oct 2026 10:41 PM IST
सार
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले राजस्थान के अलवर जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। कठूमर थाना पुलिस ने सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान के मानखेड़ा स्थित आवास पर पहुंचकर पाबंद करने की कार्रवाई की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले राजस्थान के अलवर जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। कठूमर थाना पुलिस ने सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान के मानखेड़ा स्थित आवास पर पहुंचकर पाबंद करने की कार्रवाई की। इस पुलिसिया कदम के बाद सीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। पार्टी ने पुलिस पर बालियान को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से दीपक बालियान को थाने ले जाने का आधार पूछा। संगठन का दावा है कि रात लगभग 10 बजे पुलिस की दो गाड़ियां दोबारा मानखेड़ा पहुंचीं और दीपक बालियान को अपने साथ ले गईं। इस घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे। इसके जवाब में गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर केवल सूचना देने पहुंचे थे।
पुलिस ने आरोपों का किया खंडन
कठूमर थाने के सहायक उपनिरीक्षक उमरुद्दीन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। इसी के मद्देनजर पुलिस टीम दीपक बालियान को समझाने और प्रदर्शन के आह्वान के संबंध में पाबंद करने पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक प्रक्रिया और मेडिकल जांच पूरी करने के बाद दीपक बालियान को ससम्मान उनके घर भेज दिया गया। पुलिस ने मारपीट या अवैध हिरासत की बातों को पूरी तरह से अफवाह बताया है। पुलिस का यह भी कहना है कि दीपक के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय का न्योता दिया था, जिस पर दीपक नाराज हो गए थे।
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान
विवाद के बावजूद सीजेपी अपने घोषित कार्यक्रम पर अडिग है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के विरोध में 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। संगठन का तर्क है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मताधिकार प्रभावित हो सकते हैं। सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध जताने की घोषणा की है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता हर स्थिति का सामना करने और गिरफ्तारी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगस्त 2026 में उत्तर क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले दीपक बालियान को लेकर अलवर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से दीपक बालियान को थाने ले जाने का आधार पूछा। संगठन का दावा है कि रात लगभग 10 बजे पुलिस की दो गाड़ियां दोबारा मानखेड़ा पहुंचीं और दीपक बालियान को अपने साथ ले गईं। इस घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे। इसके जवाब में गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर केवल सूचना देने पहुंचे थे।
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पुलिस ने आरोपों का किया खंडन
कठूमर थाने के सहायक उपनिरीक्षक उमरुद्दीन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। इसी के मद्देनजर पुलिस टीम दीपक बालियान को समझाने और प्रदर्शन के आह्वान के संबंध में पाबंद करने पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक प्रक्रिया और मेडिकल जांच पूरी करने के बाद दीपक बालियान को ससम्मान उनके घर भेज दिया गया। पुलिस ने मारपीट या अवैध हिरासत की बातों को पूरी तरह से अफवाह बताया है। पुलिस का यह भी कहना है कि दीपक के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय का न्योता दिया था, जिस पर दीपक नाराज हो गए थे।
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान
विवाद के बावजूद सीजेपी अपने घोषित कार्यक्रम पर अडिग है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के विरोध में 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। संगठन का तर्क है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मताधिकार प्रभावित हो सकते हैं। सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध जताने की घोषणा की है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता हर स्थिति का सामना करने और गिरफ्तारी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगस्त 2026 में उत्तर क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले दीपक बालियान को लेकर अलवर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।