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Ajmer News: विशाल मेगा मार्ट में 419 रुपये लीटर में बिक रहा था पॉम ऑयल, फूड सेफ्टी टीम ने की कार्रवाई
Mon, 21 Oct 2024 07:22 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 07:22 PM IST
सार
Ajmer: अजमेर में त्योहारों के मद्देनजर फूड सेफ्टी टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है और खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को टीम ने अजमेर के विशाल मेगा मार्ट में दबिश दी।
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विशाल मेगा मार्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं ड्रग कंट्रोल इकबाल खान एवं अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा के निर्देशानुसार प्रदेश में चलाए जा रहे शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत आज फूड सेफ्टी टीम ने जिला कलेक्टर लोकबंधु के निर्देश पर जयपुर रोड स्थित मैसर्स विशाल मेगा मार्ट पर कार्रवाई की। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा ने बताया कि टीम ने विशाल मेगा मार्ट पर निरीक्षण के दौरान पाया कि पॉम ऑयल को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताकर रुपए 429 प्रतिलीटर बेचा जा रहा था।
प्रीतलाइट गोल्ड ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे डिब्बे उसी शेल्फ में रखे थे, जिसमें नामी ब्रांड के घी के डिब्बे रखे थे। टीम ने बोगस ग्राहक बनकर प्रीतलाइट का एक लीटर का पैकेट खरीदा जिस पर एमआरपी रुपए पांच सौ दस अंकित थी, जिसे डिस्काउंट के बाद रुपए चार सौ उन्नीस में दिया। बिल पर प्रीतलाइट गोल्ड अंकित था। स्टोर के मैनेजर देवीदत्त से बिल में घी या तेल नहीं लिखने का पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया ।जबकि नियमानुसार प्रिंसिपल डिस्प्ले और बिल में बेचे गए खाद्य का नाम अंकित होना अनिवार्य होता है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा ने बताया कि डिब्बे पर छोटे अक्षरों में पॉम ऑयल 80% और कोकोनट ऑयल 20% का मिश्रण दिया हुआ था। इस प्रकार प्रतिष्ठित फर्म द्वारा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक 0% कोलेस्ट्रॉल के नाम पर 100 रुपए लीटर का पॉम ऑयल डिस्काउंट के बाद 419 रूपये लीटर बेचा जा रहा था। टीम द्वारा इस तथाकथित तेल के नमूने लेकर शेष बचे 8 डिब्बों को सीज किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा ने बताया कि स्टोर में रखे काजू की क्वालिटी में भी संदेह होने पर काजू का नमूना लेकर शेष 25 पैकेट सीज किए गए।
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प्रीतलाइट गोल्ड ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे डिब्बे उसी शेल्फ में रखे थे, जिसमें नामी ब्रांड के घी के डिब्बे रखे थे। टीम ने बोगस ग्राहक बनकर प्रीतलाइट का एक लीटर का पैकेट खरीदा जिस पर एमआरपी रुपए पांच सौ दस अंकित थी, जिसे डिस्काउंट के बाद रुपए चार सौ उन्नीस में दिया। बिल पर प्रीतलाइट गोल्ड अंकित था। स्टोर के मैनेजर देवीदत्त से बिल में घी या तेल नहीं लिखने का पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया ।जबकि नियमानुसार प्रिंसिपल डिस्प्ले और बिल में बेचे गए खाद्य का नाम अंकित होना अनिवार्य होता है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा ने बताया कि डिब्बे पर छोटे अक्षरों में पॉम ऑयल 80% और कोकोनट ऑयल 20% का मिश्रण दिया हुआ था। इस प्रकार प्रतिष्ठित फर्म द्वारा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक 0% कोलेस्ट्रॉल के नाम पर 100 रुपए लीटर का पॉम ऑयल डिस्काउंट के बाद 419 रूपये लीटर बेचा जा रहा था। टीम द्वारा इस तथाकथित तेल के नमूने लेकर शेष बचे 8 डिब्बों को सीज किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ज्योत्सना रंगा ने बताया कि स्टोर में रखे काजू की क्वालिटी में भी संदेह होने पर काजू का नमूना लेकर शेष 25 पैकेट सीज किए गए।
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