{"_id":"678e52286008439513033fae","slug":"memorandum-submitted-to-district-collector-for-converting-urdu-medium-school-to-hindi-medium-urdu-school-is-running-since-1941-ajmer-news-c-1-1-noi1334-2540811-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ajmer News : उर्दू माध्यम स्कूलों को हिंदी के साथ मर्ज करने पर भड़का विरोध, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ajmer News : उर्दू माध्यम स्कूलों को हिंदी के साथ मर्ज करने पर भड़का विरोध, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
Mon, 20 Jan 2025 07:47 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2025 07:47 PM IST
सार
अजमेर में सन् 1941 से संचालित उर्दू माध्यम के दो स्कूलों को हिंदी माध्यम में मर्ज करने के फैसले पर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता ने जिला कलेक्टर लोकबंधु को ज्ञापन सौंपते हुए इस फैसले को नियम विरुद्ध और अल्पसंख्यक हितों के खिलाफ बताया।
विज्ञापन
उर्दू मीडियम विद्यालय को हिंदी मीडियम मे करने पर सौंपा जिला कलेक्टर को ज्ञापन
विस्तार
शहर के दरगाह क्षेत्र में स्थित अंदरकोट इलाके में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बड़बाव (उर्दू माध्यम) और राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, अंदरकोट (उर्दू माध्यम) सन् 1941 से अल्पसंख्यक बच्चों को उर्दू भाषा में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में इन स्कूलों में लगभग 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन
हालांकि 17 जनवरी को माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर के आदेश पर इन उर्दू मीडियम स्कूलों को हिंदी माध्यम के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बड़बाव में मर्ज कर दिया गया। इस निर्णय से अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में गहरा असंतोष है।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता ने ज्ञापन में कहा है कि उर्दू माध्यम के इन स्कूलों को हिंदी माध्यम में मर्ज करने के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए। स्कूलों को मर्ज किए जाने के फैसले को अंदरकोट क्षेत्र के निवासियों और अभिभावकों ने शिक्षा के अधिकार और अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक पहचान पर हमला बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस फैसले को जल्द वापस नहीं लिया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन