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Kekri News: महाकुंभ में केकड़ी की महिला की मौत, पति से बिछड़ गई थी, दूसरे दिन पता चला अस्पताल में रखा है शव
Thu, 30 Jan 2025 08:58 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 30 Jan 2025 08:58 PM IST
सार
28 जनवरी को महाकुंभ में मची भगदड़ में केकड़ी की 60 वर्षीय महिला निहाली देवी पत्नी रामनारायण बैरवा की मौत हो गई। निहाली देवी अपने पति के साथ 22 जनवरी को धार्मिक यात्रा पर रवाना हुई थीं। 27 को महाकुंभ में शामिल होने पहुंची थीं।
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महिला की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के दौरान लोगों की भीड़ में कुचलकर राजस्थान के केकड़ी में रहने वाली एक महिला की मौत हो गई। भगदड़ के दौरान महिला अपने पति से बिछड़ गई थी, लेकिन फिर वह जीवित नहीं मिल सकी।
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केकड़ी क्षेत्र के स्यार गांव निवासी बुजुर्ग रामनारायण बैरवा को यह नहीं पता था कि धार्मिक यात्रा पर अपनी पत्नी के साथ महाकुंभ में स्नान करने का उनका उत्साह उन्हें जीवनभर के लिए अकेला कर देगा। वे खुशी-खुशी संगम की ओर बढ़ रहे थे, जब अचानक भीड़ का संतुलन बिगड़ गया और भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में उनकी पत्नी उनसे बिछड़ गई। रामनारायण ने भीड़ में अपनी पत्नी को ढूंढने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उन्हें अपनी पत्नी की मौत की खबर और उनका शव मिला।
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दअरसल, 28 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ में केकड़ी क्षेत्र के सरवाड़ थानांतर्गत ग्राम स्यार की 60 वर्षीय महिला निहाली देवी पत्नी रामनारायण बैरवा की भी मौत हो गई। निहाली देवी अपने पति के साथ 22 जनवरी को धार्मिक यात्रा पर रवाना हुई थीं। वे मथुरा, वृंदावन और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करते हुए 27 जनवरी को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। उनके साथ करीब 50 अन्य यात्री भी थे।
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28 जनवरी को वे महाकुंभ में स्नान के लिए संगम तट की ओर बढ़ रहे थे, जब रात करीब दो बजे भगदड़ मच गई। वे अपने इच्छित स्थान से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर थे। इस भगदड़ में पति-पत्नी एक-दूसरे से बिछड़ गए। रामनारायण ने अपनी पत्नी को ढूंढने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि उनकी पत्नी का शव लखनऊ अस्पताल में है।
सूचना मिलने पर रामनारायण के होश उड़ गए। वे तुरंत लखनऊ पहुंचे, जहां उनकी पत्नी का शव रखा हुआ था। पत्नी का शव देखकर रामनारायण फुट-फूटकर रो पड़े। बाद में उन्होंने एंबुलेंस से अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर को गांव भेजने की व्यवस्था की। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे जब एंबुलेंस गांव पहुंची, तो परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई और पूरा गांव शोक में डूब गया।