Guru Purnima 2023: गुरु पूर्णिमा पर गुरुवंदन में डूबी धर्मिक नगरी पुष्कर, आज होगी महाआरती
सभी तीर्थो के गुरु पुष्कर में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव की धूम रविवार से शुरू हुई। इसी के साथ तीर्थ नगरी गुरु की भक्ति में डूब गई है। गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर शहर के सभी मंदिर, आश्रम, मठ और धर्मशालाओं में भक्तों की ओर से गुरु के सम्मान में भजन, सत्संग और शोभायात्रा आदि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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तीर्थ नगरी पुष्कर में गुरु पूर्णिमा पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है। इसके चलते दूरदराज से भक्त पुष्कर पहुंचकर गुरु पूर्णिमा के मौके पर अपने गुरु के दर्शन-पूजन किए। ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाशनाथ दाधीच ने बताया, गुरु पूर्णिमा के मौके पर जिनके गुरु बनाए हुए हैं, उनको गुरु के स्थान पर जाकर गुरु का पूजन, वस्त्र, दान दक्षिणा, फल मिष्ठान और अन्नदान करना चाहिए, जिनके गुरु स्वर्गवास हो गए हैं, उन्हें उनकी तस्वीर और चरण पादुका या स्थान की पूजन करना चाहिए। स्थानधारी गुरु के शिष्य को दान पुण्य करके आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। शास्त्रों और वेदों में भी भगवान ने स्वयं गुरु को बड़ा बताया है।
विश्व मित्र जन सेवा समिति की ओर से राष्ट्रीय संत डा० कृष्णानंद महाराज के सानिध्य में दाधीच भवन में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के पहले दिन अजमेर के लाड़ली घर की दृष्टिबाधित छात्राओं ने भजनों की प्रस्तुति दी। व्यवस्थापक ओमप्रकाश छाबड़ा ने बताया, कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह गुरु पादुका और व्यास पूजन हुआ। इस दौरान दूरदराज से आए भक्त राष्ट्रीय संत कृष्णानंद महाराज की पादुका का पूजन कर दक्षिणा भेंट की।
वहीं, गुरु कृष्णानंद महाराज अपने भक्तों और अनुयायियों को गुरुमहिमा व आध्यात्मिक भक्ति योग पर प्रवचन दिया। गनाहेड़ा स्थित दिव्य मोरारी बापू के आश्रम में गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। संत दिव्य मोरारी बापू के सानिध्य में आश्रम से आरंभ हुई यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए पुष्कर पहुंची। ब्रह्म घाट पर पूजन और ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के बाद यात्रा वापस आश्रम पहुंचने पर संपन्न हुई। आश्रम के व्यवस्थापक घनश्याम दास महाराज ने बताया, आठ दिवसीय महोत्सव का समापन आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर हुआ। इस अवसर पर सुबह छह बजे भक्तों द्वारा गुरु पूजन किया गया। तत्पश्चात दोपहर मोरापी बापू ने आर्शीवचन दिया।
इसी प्रकार रामधाम में आयोजित महोत्सव के उपलक्ष्य में रविवार शाम संत रणछोड़ दास महाराज के चरण पादूका की शोभा यात्रा धूमधाम से निकाली गई। यात्रा के दौरान गुजरात से आए महिला-पुरुष भक्त बैंड की धून पर जमकर झूमें। सोमवार सुबह चरण पादुका का पूजन सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी तरह पास के गांव नांद में स्थित श्रीराम गुरु परमार्थ गोशाला में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा के संत समताराम महाराज के सानिध्य में सोमवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।
संत धीरज राम महाराज ने बताया, गोशाला में दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत रविवार को रात्रि संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। गुरु पूर्णिमा के मौके पर सुबह 7.15 बजे गो पूजन, हवन, पूजन और 10 बजे भक्तों द्वारा संत समताराम महाराज का गुरु पूजन किया। तत्पश्चात महाराज आर्शीवचन दिया।
इसके अलावा देवनगर रोड़ स्थित चित्रकूट धाम में संत पाठक महाराज, रामधाम में संत रणछोड़ दास महाराज, नृसिंह मंदिर में महंत बाबा बालकदास महाराज, नर्बदापुरी आश्रम में दिवंगत महंत नर्बदापुरी व सेवापुरी, गिरिशानंद आश्रम में रामानंद महाराज, पंचकुंड स्थित लहरानंद चित्रकूट आश्रम, राम रमैया आश्रम, महागुरू आश्रम, जोगणिया धाम सहित अनेक मंदिरों व आश्रमों में भक्त अपने-अपने गुरुओं और उनकी चरण पादुका का पूजन किया।
सुबह हुआ स्नान और शाम को होगी महाआरती...
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में सभी तीर्थों के गुरु पुष्कर के पवित्र सरोवर में सोमवार को विशेष धार्मिक स्नान हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर गुरु के रूप में सरोवर का वैदिक मंत्रोचारण के बीच किया। वहीं, शाम को सरोवर के मुख्य-मुख्य घाटों पर पवित्र सरोवर की महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में तीर्थ यात्री, आमजन सहित प्रबुद्धजनों भाग लेंगे।
सोमवार शाम पुष्कर के मुख्य गऊ घाट, ब्रह्म घाट, बद्री घाट, वराह घाट, बंशी घाट, जयपुर घाट और गणगौर घाट पर सरोवर की महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसमें जयपुर घाट पर श्री दिव्य महाआरती संघ की ओर से पंडित कैलाशनाथ दाधीच के आचार्यत्व में तीर्थ पुरोहित पंडित चन्द्रशेखर गौड़ 51 दीपकों के साथ महाआरती करेंगे। संघ के संरक्षक सेवानिवृत जिला जज अजय शर्मा ने बताया कि महाआरती से पूर्व सरोवर का अभिषेक किया जायेगा तत्पश्चात महाआरती की जाएगी।