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Ajmer: सावित्री माता रोप-वे की ट्रॉली में अटकी दो श्रद्धालुओं की सांसें, NDRF और सिविल डिफेंस ने बचाई जान
Fri, 23 Feb 2024 03:57 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 23 Feb 2024 03:57 PM IST
सार
अजमेर में पुष्कर के सावित्री माता रोप-वे की ट्रॉली में दो श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं। प्रशासन, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस ने कड़ी मशक्कत कर जान बचाई।
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ट्रॉली में अटकी दो श्रद्धालुओं की सांसें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर जिले के पुष्कर में सावित्री माता रोप-वे की ट्रॉलियां अचानक गहरी खाई के ऊपर रुक गई। एक ट्राली में बैठे दो श्रद्धालुओं की जान पर बन आई। डर के मारे श्रद्धालु घबराने लगे और मदद की गुहार करने लगे। सूचना पर जिला कलेक्टर डॉ. भारती दीक्षित, अजमेर उपखंड अधिकारी और सिविल डिफेंस की उप नियंत्रक शिवानी खांडल, प्रक्षिक्षु आइएएस श्रद्धा गोमे, नायब तहसीलदार नीलम राठौर सिविल डिफेंस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जल्द ही एनडीआरएफ की स्पेशल रेस्क्यु टीम को बुलाया।
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सीआई राकेश यादव जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस और सिविल डिफेंस ने बिना समय गवाएं संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। पहले ट्रॉली के नीचे बड़ा जाल लगाया गया, जिससे कि श्रद्धालुओं को गिरने की स्थिति में नुकसान न हो। उसके बाद दोनों श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार देकर हेलमेट पहनाया गया और लकड़ी की कुर्सी से सेफ्टी बेल्ट की मदद से धीरे- धीरे नीचे उतारा गया। दोनों श्रद्धालुओं के सकुशल नीचे आने के बाद प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस ने राहत की सांस ली।
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वास्तव में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई थी। बल्कि यदि घटना हो जाए तो किस तरह रेस्क्यू किया जाए, इसका मॉकड्रिल किया गया था। अजमेर उपखंड अधिकारी और सिविल डिफेंस की उप नियंत्रक शिवाक्षी खांडल ने बताया कि तकनीकी खराबी या खराब मौसम से यदि कभी ऐसा हो जाए तो किस तरह श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाया जा सके। इसके लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार हर छह महीने में ऐसा मॉक ड्रिल किया जाता है, जिससे इस तरह की घटना हो ही नहीं और दुर्भाग्यवश हो जाए तो लोगों की जान बचाई जा सके।
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एनडीआरएफ के राजस्थान प्रभारी योगेश कुमार मीणा ने बताया कि प्रशासन, एनडीआरएफ और दूसरी एजेंसियों का संयुक्त मॉक ड्रिल था। इसमें यह जांचा गया कि ऐसी घटना की स्थिति में किस तरह का सामंजस्य होना चाहिए। किस विभाग के पास क्या संसाधन है और कितनी ट्रेंनिंग है। मीणा ने बताया कि मॉकड्रिल में बिना समय गवाएं सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
मीणा के अनुसार, मॉकड्रिल का उद्देश्य होता है कि इस तरह की घटना हो ही न और हो तो कम से कम हो और हो जाए तो किसी को कोई नुकसान न हो। मॉकड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस के प्रभारी प्रशांत झा, पुष्कर प्रभारी किशनगोपाल चौधरी अपनी टीम के साथ पुष्कर के राजकीय अस्पताल से मनोज वैष्णव अपनी टीम और एंबुलेंस के साथ नगर पालिका से लोकेन्द्र सिंह अग्निशमन वाहन और अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।