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Ajmer Dargah: पाकिस्तानी जायरीनों ने गरीब नवाज की दरगाह में पेश की चादर, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ
Wed, 17 Jan 2024 04:30 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 17 Jan 2024 04:30 PM IST
सार
राजस्थान के अजमेर जिले में आए पाकिस्तानी जायरीनों ने गरीब नवाज की दरगाह में चादर पेश की। साथ ही दोनों मुल्कों में अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी।
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पाकिस्तानी जायरीनों ने पेश की चादर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स के मौके पर बुधवार को पाकिस्तान सरकार, एंबेसी और वहां से आए 230 जायरीनों की ओर से चादर पेश की गई। पाक जायरीन का दल चादर लेकर नाचते-गाते हुए दरगाह पहुंचा। दरगाह में चादर पेश करने के बाद भारत और पाकिस्तान के मजबूत रिश्तों के लिए दुआ की गई।
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गरीब नवाज के सालाना उर्स में शिरकत करने आए पाकिस्तान के 230 जायरीन बुधवार को सुबह 11 बजे पुरानी मंडी स्थित सेंट्रल गर्ल्स स्कूल से चादर लेकर रवाना हुए। ग्रुप लीडर परवेज इकबाल के नेतृत्व में पाक जायरीनों का दल पाकिस्तान सरकार की चादर लेकर जुलूस के रूप में नाचते-गाते हुए दरगाह पहुंचा। पाक सरकार की चादर दरगाह पहुंचने पर खादिम के द्वारा जायरीनों की दस्तारबंदी कर उनका स्वागत किया गया। दरगाह में चादर पेश कर दोनों मुल्कों में प्यार बना रहे, इसे लेकर दुआ की गई।
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पाकिस्तान डेलीगेशन में आए ग्रुप लीडर परवेज इकबाल ने कहा कि दरगाह में चादर पेश कर दोनों मुल्कों में आपसी भाईचारा बना रहे, इसे लेकर दुआ की गई है। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान की दोस्ती बरकरार रहे। दोनों मुल्कों में प्रेम, मोहब्बत, भाईचारा कायम रहे। इसके साथ ही बेरोजगारी खत्म हो और प्यार बना रहे, इसकी दुआ की गई है। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार का आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमारी यात्रा को लेकर बहुत अच्छे इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा के रहे कड़े बंदोबस्त
पाक जायरीनों के दरगाह जियारत को लेकर जिला पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रही। पाक जायरीनों के जुलूस में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया गया। वहीं, दरगाह परिसर में भी पाकिस्तानी जायरीनों के साथ सादा वर्दी में पुलिस के जवान भी दिखाई दिए।
राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से चादर पेश
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 812वें सालाना उर्स के अवसर पर दरगाह शरीफ, अजमेर में बुधवार को चादर पेश की गई। राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी गोविंदराम जायसवाल ने मजार शरीफ पर पहुंच कर राज्यपाल की तरफ से चादर भेंट की। उनके साथ परिसहाय स्क्वॉड्रन लीडर विकास श्योराण भी थे। दरगाह कमेटी के नाजिम लियाकत अली अफाकी द्वारा दस्तार बांधकर सम्मान किया गया और सभी को तर्बरूक दी गई।
दरगाह पहुंचने पर पहले राज्यपाल की ओर से जियारत की गई। जियारत सैय्यद अब्दुल बारी एवं सैय्यद अब्दुल वसीम ने कराई। बाद में राज्यपाल मिश्र द्वारा भेजे संदेश को उनके प्रमुख विशेषाधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने पढ़कर सुनाते हुए कहा कि ख्वाजा साहब देश की संस्कृति के संवाहक हैं। उन्होंने संदेश के अंर्तगत राज्यपाल द्वारा देश और प्रदेश के लोगों की खुशहाली, संपन्नता और निरोगी रहने की दुआ करते हुए देश-दुनिया से अजमेर आ रहे जायरीन को मुबारकबाद भी दी।
राज्यपाल मिश्र ने अपने संदेश में ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के अमन और मोहब्बत का पैगाम जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यतीमों की मदद करने वाले ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती देश की राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सद्भाव और सौहार्द के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब का उर्स भावनात्मक एकता का प्रतीक है। यह सदा अमन और मोहब्बत का पैगाम लेकर आता है। राज्यपाल ने कहा है कि भारतीय संस्कुति संत-महात्माओं और पीर पैगम्बरों के उदात्त जीवन मूल्यों से जुड़ी है।
इससे पहले बुधवार सुबह राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपने विशेषाधिकारी गोविंद राम जायसवाल को दरगाह शरीफ में चादर पेश करने के लिए उन्हें सौंपी। उन्होंने इस दौरान कहा कि विविधता में एकता के साथ साम्प्रदायिक सद्भाव से जुड़ी भारतीय संस्कृति का पथ प्रदर्शन मोईनुद्दीन चिश्ती जैसे पीर पैगम्बरों ने ही किया है। उनके मानवता के संदेश सदा ही अनुकरणीय रहे हैं।