Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Ajmer: Inmates Create Diwali Art in High-Security Jail,Draw Goddess Lakshmi and Spread Hope Through Creativity

सलाखों के पीछे उम्मीदों की रोशनी: हाई सिक्योरिटी जेल में सीमित साधनों में बंदियों ने की दीपावली की सुंदर सजावट

Sat, 07 Nov 2026 07:17 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: अजमेर ब्यूरो Updated Sat, 07 Nov 2026 07:17 PM IST
सार

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंदियों ने दीपावली पर अपने हुनर और रचनात्मकता से उम्मीदों की नई रोशनी जगाई है। किसी ने दीवार पर मां लक्ष्मी का बारीक स्केच बनाया तो किसी ने कागज से विशाल मोमबत्तियां और रंगीन दीपक तैयार किए।

विज्ञापन
Ajmer: Inmates Create Diwali Art in High-Security Jail,Draw Goddess Lakshmi and Spread Hope Through Creativity
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंदियों की दिवाली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंधेरी तो देहरी पर है मगर उम्मीदों के दीये रोशन हैं, जिनके जीवन में सलाखों के पीछे अंधेरा है, वे भी रोशनी के सपने देखना नहीं भूले हैं। हाई सिक्योरिटी जेल, घूघरा, अजमेर में दीपावली के अवसर पर बंदियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा से ऐसा ही संदेश दिया है। यहां बंदियों ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी कल्पनाशक्ति और हुनर से दीपावली की आकर्षक सजावट तैयार की है।

विज्ञापन


जेल में बंद अशोक मेघवाल ने साधारण पेंसिल से दीवार पर मां लक्ष्मी का बेहद सुंदर और बारीक स्केच तैयार किया। वहीं बंदी आरिफ उर्फ सिकंदर ने कागज से विशाल मोमबत्तियां और रंग-बिरंगा दीपक बनाकर इस कलाकृति को आकर्षक स्वरूप दिया। इन कलाकृतियों को देखकर सहज विश्वास नहीं होता कि इन्हें बेहद सीमित साधनों से तैयार किया गया है। जेल की ऊंची दीवारों और बंद कोठरियों के बीच यह कलाकृति केवल दीपावली की सजावट नहीं, बल्कि उन उम्मीदों का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहती हैं। शायद इन बंदियों के जीवन की देहरी पर अभी अंधेरा है लेकिन उनके हाथों का हुनर रोशनी पैदा करना जानता है।
विज्ञापन


जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के प्रोत्साहन से बंदियों ने यह रचनात्मक कार्य किया। जेलर राजाराम ने इसके लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। इस गतिविधि से बंदियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। जेल प्रशासन का मानना है कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियां बंदियों की मानसिक स्थिति को सकारात्मक बनाए रखने के साथ उनकी छिपी प्रतिभा को अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: आसलपुर की सौंधी महक: आधुनिक दौर में भी मिट्टी की भट्टी और लकड़ियों की आंच पर बन रही हैं पारंपरिक मिठाइयां


दीपावली के अवसर पर बंदियों को नियमानुसार विशेष आहार में हलवा भी दिया जाएगा, ताकि वे जेल की चारदीवारी के भीतर रहते हुए भी त्योहार की खुशियों से जुड़ सकें। इस अवसर पर मुख्य प्रहरी मणिदेव, राजेश गौड़, रेशम सिंह, सतवीर सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

दीपावली का वास्तविक संदेश भी यही है कि अंधकार चाहे कितना ही गहरा क्यों न हो, उम्मीद का एक छोटा-सा दीपक भी उसे चुनौती दे सकता है। हाई सिक्योरिटी जेल के इन बंदियों ने साबित किया है कि परिस्थितियां इंसान को कैद कर सकती हैं लेकिन उसकी कल्पना, कला और सृजनशीलता को नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed