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12 साल के इंतजार के बाद 101 साल की पाकिस्तानी महिला बनी 'भारतीय'
Sat, 12 Jan 2019 03:36 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: अमित मंडल
Updated Sat, 12 Jan 2019 03:36 PM IST
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नागरिकता प्रमाणपत्र लेते हुए जमुना माई
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100 साल से ऊपर की पाकिस्तानी हिंदू जमुना माई शुक्रवार का दिन शायद ही कभी भूल पाएंगी। यह वही दिन था जब उन्हें 12 साल का इंतजार करने के बाद भारतीय नागरिकता मिली। जिलाधिकारी ने दावा किया है कि 101 साल की जमुना सबसे वृद्ध महिला हैं जिन्हें कि भारतीय नागरिकता मिली है। राजस्थान के जोधपुर की एक छोटी सी बस्ती सोढा री धानी में पाकिस्तान से आए 6 हिंदू प्रवासियों का परिवार रहता है।
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परिवार ने अपने सबसे वृद्ध सदस्य को मिली नागरिकता का जश्न मनाया। भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत उनके आवेदन को शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। वह पिछले 12 सालों से इसके लिए कोशिशें कर रही थीं। अब उन्हें उम्मीद है कि उनके परिवार के सदस्यों को भी जल्द भारतीय नागरिकता मिल जाएगी।
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अधिकारियों का कहना है कि जोधपुर में लगे नागरिकता कैंप के दौरान उन्हें पता चला कि एक आवेदनकर्ता का जन्म 1988 का है। रिकॉर्ड्स के अनुसार आवेदनकर्ता माई का जन्म अविभाजित पंजाब में हुआ था। जोधपुर के एडीएम जवाहर चौधरी ने कहा, 'माई के दस्तावेज को मंजूरी दी गई और उन्हें शुक्रवार को नागरिकता प्रमाणपत्र दिया गया।' माई और उनके परिवार को स्थानीय प्रशासन ने एक दो कमरों वाला घर दिया हुआ है।
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नागरिकता मिलने के बाद माई ने डांस करके और परिवार को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार को भी इसी तरह का आईडी कार्ड दिया जाना चाहिए।' अगस्त 2006 में 15 सदस्यों वाले मेघवाल परिवार ने धार्मिक वीजा पर अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत में प्रवेश किया था। यहां आने से पहले परिवार की आय का स्रोत जमींदार की जमीन पर खेती करने से होता है। दशकों तक उनका शोषण होता रहा। उनसे ज्यादा देर काम करवाया जाता, कम तनख्वाह दी जाती और कोई छुट्टी नहीं मिलती थी।