राजस्थान में इलाज बिना 9000 शिशुओं की मौत

जयपुर/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 17 Dec 2012 12:02 PM IST
9000 infant died without treatment in rajasthan
राज्य के अस्पतालों की जर्जर व्यवस्था का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि करीब ढाई सालों में 9,163 शिशुओं की मौत हो गई है। यानी एक दिन में करीब दस शिशुओं की मौत। अस्पतालों में संसाधनों की कमी का खामियाजा नवजात शिशुओं और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

भाजपा विधायक ओम बिड़ला के सवाल पर सरकार की ओर से दिये गये जवाब में यह तथ्य सामने आया। मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों और जिला अस्पतालों में शिशु आईसीयू में बेड, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी है, जिसके चलते इन शिशुओं की जान नहीं बचाई जा सकी।

राज्य में 36 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में शिशुओं के लिए आईसीयू में 456 बेड हैं, जबकि जनवरी 2010 से लेकर मई 2012 तक 96 हजार नवजात भर्ती हुए। इन 456 के अलावा एफआरयू एवं कुछ सीएचसी की आईसीयू में 160 बैड हैं, लेकिन अच्छे इलाज की उम्मीद में लोग बड़े अस्पताल ही जाते हैं। उदयपुर में 8,702 शिशु भर्ती हुए जिनमें से 1,710 की मौत हो गई।

ओम बिड़ला ने इन मौतों पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ योजनाएं चला रही है, जमीनी हकीकत अलग है। इलाज के अभाव में ढाई साल में 9 हजार बच्चों की मौत हो गई। चिकित्सा के लिए करोड़ों का बजट होने के बाद भी ये हालात क्यों है। सरकार जवाब दे?

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