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Rajasthan: देश में 50 हजार से ज्यादा मॉडल गांव, केंद्रीय मंत्री शेखावत बोले-स्वच्छता पर खर्च होंगे 52000 करोड़

Fri, 31 Mar 2023 08:10 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 31 Mar 2023 08:10 PM IST
सार

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि देश के 2 लाख 38 हजार 973 गांवों में से 50 हजार 885 ओडीएफ प्लस गांवों को मॉडल गांव का दर्जा मिल गया है। इस गांवों ने संपूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

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50 thousand model villages in India Gajendra Singh Shekhawat says 52000 crores will be spent on cleanliness
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र सरकार ने 50 हजार से ज्यादा गांवों को मॉडल गांव बनाने का लक्ष्य तय किया है। नए वित्त वर्ष में इस मद में कुल 52,049 करोड़ रुपए राशि के खर्च का प्रोविजन किया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखवात ने बताया कि देश में सरकार ने इस साल जनवरी से मार्च अंत तक हर सेकेंड एक परिवार को नल से स्वच्छ जल पहुंचाने का रिकॉर्ड बनाया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। 

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ओडीएफ प्लस गांव 1 साल में 5 गुणा बढ़कर 2 लाख 38 हजार 973 हुए
शेखवात बताया कि मार्च 2022 में देश में ओडीएफ प्लस गांव 46 हजार 121 थे, जो 1 साल के भीतर 5 गुणा बढ़कर 2,38,973 हो गए हैं। इस दौरान 50,855 गांव स्वच्छता के सर्वोच्च रैंकिंग के साथ ओडीएफ प्लस मॉडल गांव घोषित किए गए। शेखावत ने स्वच्छता की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि केंद्र के साथ समन्वय से काम करते हुए केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्ष्यद्वीप, दादरा और नगर हवेली के साथ दमन और दीव ने न केवल ओडीएफ प्लस का दर्जा प्राप्त किया, बल्कि उनके सभी गांव ओडीएफ प्लस मॉडल की श्रेणी में आ गए हैं।
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राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना का कार्य सबसे सराहनीय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना का कार्य सबसे सराहनीय रहा है और वह 100 प्रतिशत ओडीएफ प्लस गांवों के साथ प्रथम स्थान पर है। 95.7 प्रतिशत ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या के साथ तमिलनाडु दूसरे और 93.7 प्रतिशत ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या के साथ कर्नाटक तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में तेज गति से प्रगति करने वाले राज्यों में हिमाचल प्रदेश अव्वल है। 
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इस राज्य में जहां 2022 में 18 प्रतिशत ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या थी, वह 2023 में बढ़कर 79 प्रतिशत हो गई है। मध्य प्रदेश ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2022 में 6 प्रतिशत से 2023 में 62 प्रतिशत गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां 2022 में राज्य के 2 प्रतिशत गांव ओडीएफ प्लस घोषित हुए थे, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में मिजोरम ने 6 प्रतिशत से 35 प्रतिशत ओडीएफ प्लस गांवों के स्तर तक के सफर को तय किया है।

नए वित्त वर्ष में 52 हजार 49 करोड़ का बजट तय
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि एसबीएम (जी) के दूसरे चरण की गतिविधियों के लिए नए वित्त वर्ष में 52,049 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इसमें केंद्र सरकार 14,030 करोड़ रुपए की मदद राज्यों को करेगी। केंद्रीय मंत्री ने 2022-23 वित्त वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि इस दौरान जल जीवन मिशन की तरह ही स्वच्छता की गतिविधियों को कवर करने के लिए जहां एसबीएम-2.0 मोबाइल एप शुरू किया गया, वहीं ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के लिए तकनीकी नियमावली और टूल किट जारी किए गए हैं। 

उन्होंने संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि हमारे मंत्रालय ने प्लास्टिक कचरे, ठोस और तरल कचरे का संपूर्ण निपटारन की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके तहत गोबरधन योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पूरे देश में 510 सामुदायिक गोबरधन परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। साथ ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एसएटीएटी के तहत 43 सीबीजी परियोजनाओं और रिन्युएबल एनर्जी मिनिस्ट्री के साथ मिलकर 36 परियोजनाएं पूरी की हैं।


देश में करीब 60 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल से जल पहुंचाया
जल जीवन मिशन से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में शेखावत ने बताया कि 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन के तहत अब तक देश में करीब 60 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल से जल पहुंचाने में सफलता मिली है। इस दिशा में प्रगति की रफ्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच हर सेकेंड एक ग्रामीण परिवार को नल से जल योजना से जोड़ने का रिकॉर्ड बनाया गया । केंद्रीय मंत्री ने जेजेएम के तहत जल की शुद्धता के मानक को बनाए रखने के लिए देश भर में 20,094 टेस्टिंग लैब की स्थापना और इसके अलावा पंचायत स्तर पर महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें फिल्ड टेस्टिंग किट मुहैया कराए जाने का भी उल्लेख किया।

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