Rajasthan: बैंक मैनेजर से 50 लाख की ठगी, कारोबारी की मिमिक्री कर ट्रांसफर करा लिए रुपये, ऐसे हुआ खुलासा
ठगी की बात पता चलते ही बैंक मैनेजर फूट-फूटकर रोने लगे। रोते हुए उन्होंने कहा कि 33 साल से नौकरी कर रहा हूं। आज तक ना तो किसी से रिश्वत नहीं ली और ना ही मेरे खिलाफ किसी तरह की शिकायत हुई। पहली बार मेरी साथ ठगी हुई है। मेरी पत्नी को यह पता चलेगा तो ना जाने क्या करेगी।
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राजस्थान के अलवर जिले बहरोड़ में 50 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी किसी आम व्यक्ति से नहीं, बल्कि एक बैंक के मैनेजर से ही हुई। शातिर ठग ने कारोबारी की मिमिक्री कर बैंक मैनेजर से 49.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिया।
सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की है कि ठग ने बैंक मैनेजर को जिस नंबर से कॉल किया उसके वॉट्सऐप प्रोफाइल पर कारोबारी की तस्वीर भी लगी हुई थी। साइन भी कारोबारी के जैसे ही थे। बैंक मैनेजर को अपने साथ हुई इतनी बड़ी ठगी का पता चला तो वह फूट-फूटकर रोने लगे। कहने लगा कि मैं खुदकुशी कर लूंगा। यह बात मेरी पत्नी को पता चलेगी तो पता नहीं वह क्या करेगी? आइए अब जानते हैं शातिर ठग ने किस तरह 50 लाख की ठगी के अंजाम दिया?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला बहरोड़ की बैंक ऑफ बडोदा का है। गुरुवार को एक ठग ने बैंक मैनेजर एमपी गुप्ता को जब जय अंबे ऑटोमोबाइल का मालिक कमल यादव बनकर कॉल किया। इस दौरान उसने मैनेजर से कहा कि उसे फर्म के खाते से आटीजीसी करनी है। मैं अभी बाहर हूं, कुछ देर बात आपके पास आऊंगा।
इसके बाद शातिर ठग ने बैंक मैनेजर को वॉट्सऐप पर एक लेटर भी भेजा। जिस पर करोबारी कमल यादव जैसे ही साइन था। लेटर के आधार पर मैनेजर ने छह बार में ट्रांजैक्शन कराकर 49.50 लाख रुपये की आरटीजीसी कर दी। इधर, मैनेजर रुपये ट्रांसफर कर रहा था और दूसरी तरफ ठग उन्हें निकाल रहा था।
शाम करीब छह बजे बहरोड़ के कबाड़ी गली में रहने वाले जब जय अंबे ऑटोमोबाइल के असली मालिक कमल यादव के पास एक मैसेज आया। जिसमें आरटीजीएस होने और खाते से रुपये कटने की जानकारी दी। जिसके कमल ने बैंक मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को कॉल किया, लेकिन दोनों ने ही उनका कॉल नहीं उठाया।
कुछ देर बाद कमल की बैंक के स्टाफ से बात हुई तो उन्होंने उसकी मैसेज के बारे में जानकारी दी। बैंक के स्टाफ ने कमल की बात मैनेजर एमपी गुप्ता से कराई तो उन्होंने उसे आरटीजीएस के बारे में जानकारी दी। गुप्ता ने कहा कि आपके कहने पर ही यह आरटीजीएस की गई है, लेकिन कमल इससे मना करने लगा। उसने कहा कि मैंने अपको ऐसा कोई कॉल नहीं किया। जिसके बाद इस ठगी की घटना का खुलासा।
ठगी की घटना का खुलासा होने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मैनेजर एमपी गुप्ता सहित पूरा स्टॉफ वापस बैंक पहुंचा और जिन बैंकों के खाते में रुपयें ट्रांसफर किए गए थे उनसे संपर्क किया गया। साइबर पुलिस और बैंकों के जरिए दस लाख रुपये एक खाते में होल्ड करा दिए गए। जिन्हें ठग अब निकाल नहीं पाएगा।
ठगी की बात पता चलते ही बैंक मैनेजर फूट-फूटकर रोने लगे। रोते हुए उन्होंने कहा कि 33 साल से नौकरी कर रहा हूं। आज तक ना तो किसी से रिश्वत नहीं ली और ना ही मेरे खिलाफ किसी तरह की शिकायत हुई। पहली बार मेरी साथ ठगी हुई है। मेरी पत्नी को यह पता चलेगा तो ना जाने क्या करेगी। डीएसपी आनंद राव ने भी बैंक मैनेजर से घटना की जानकारी ली है। पुलिस ठग के मोबाइल नंबर 6306994733 और अन्य सबूतों के आधार पर उसका पता लगाने की कोशिश कर रही है। कारोबारी कमल यादव ने बैंक मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वहीं, बैंक मैनेजर ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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