फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   3000 crore fine imposed on Rajasthan government waived Supreme Court stay NGT order

Rajasthan: सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने राजस्थान सरकार के बचा दिए 3000 करोड़, जानें मामला

Sat, 17 Dec 2022 11:02 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 17 Dec 2022 11:02 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान के अतिरिक्त महा अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने पीठ के समक्ष अपनी दलील पेश की। उन्होंने कहा कि सरकार गीले-सूखे कचरे के समुचित प्रबंधन के लिए लगातार काम कर रही है। ऐसे कोर्ट से आग्रह है कि एनटीजी द्वारा लगाए गए जुर्माने में राहत दी जाए। 

विज्ञापन
3000 crore fine imposed on Rajasthan government waived Supreme Court stay NGT order
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

आर्थिक संकट से जूझ रही राजस्थान की गहलोत सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने एनटीजी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा सरकार पर लगाए गए 3000 करोड़ के जुर्माने पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने राजस्थान सरकार पर यह जुर्माना गीले-सूखे कचरे का समुचित प्रबंधन नहीं करने और इससे पर्यावरण पर हो रहे प्रभाव को लेकर लगाया था। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान के अतिरिक्त महा अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष अपनी दलील पेश की। उन्होंने कहा कि सरकार गीले-सूखे कचरे के समुचित प्रबंधन के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए कई बड़े फैसले भी लिए जा रहे हैं। 
विज्ञापन


कचरे के समुचित प्रबंधन में बड़ी रकम खर्च हो रही है। ऐसे कोर्ट से आग्रह है कि एनटीजी द्वारा लगाए गए जुर्माने में राहत दी जाए। जिससे कचरा प्रबंधन पर और बेहतर तरीके से काम किया जा सके। अतिरिक्त महा अधिवक्ता मनीष सिंघवी की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने एनटीजी के आदेश पर रोक लगा दी है।    
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है मामला?
दरअसल, राजस्थान सरकार के खिलाफ एनजीटी में एक पर्यावरण के प्रति लापरवाही बरतने का मामला चल रहा है। सितंबर महीने में एनजीटी की तीन सदस्यीय पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान सामने आया कि राजस्थान से हर दिन 1250 एमएलडी गीला कचरा निकलता है। प्रदेश सरकार की मशीनरी इस कचरे का समुचित प्रबंधन करने में सक्षम नहीं हैं, इससे हर दिन तीन हजार टन कचरा वैसे ही पड़ा रहता है। इसे 365 से गुणा किया जाए तो यह कचरा 11लाख टन के करीब पहुंचा है। इसे प्रबंधन में 555 करोड़ खर्च आएगा। इसके बाद एनजीटी ने राज्य सरकार पर तीन हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद गहलोत सरकार इस जुर्माने से बच गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed