Rajasthan: राजनीतिक नियुक्तियां पाने वाले 27 गैर विधायकों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सियासी नियुक्तियां पा चुके 27 बोर्ड अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया। सोमवार को कैबिनेट सचिवालय ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
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राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब गैर विधायकों को होली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है। सियासी नियुक्तियां पा चुके 27 अध्यक्षों को अब राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। इससे पहले तीन पूर्व विधायकों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा चुका है। नेताओं की आपसी खींचतान के कारण राज्य मंत्री का दर्जा देने का आदेश अटका हुआ था। मुख्यंमत्री अशोक गहलोत के दखल के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद सोमवार को कैबिनेट सचिवालय ने आदेश जारी कर दिए। बता दें कि एक मार्च को गहलोत सरकार ने 67 राजनीतिक नियुक्तियां की थीं।
इन्हें दिया गया राज्यमंत्री का दर्जा
राज्य मंत्री का दर्जा पाने वालों में हाकम अली खान, पुखराज पाराशर, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, जस्टिस भवरू खान, रेहाना रियाज चिश्ती, गोपाल सिंह शेखावत, मानवेंद्र सिंह, केसी विश्नोई, सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, राजेंद्र सिंह सोलंकी, राजीव अरोड़ा, संदीप चौधरी, उमाशंकर शर्मा, महेंद्र गहलोत ,सीताराम लांबा , उर्मिला योगी, अनिल शर्मा, रामसिंह राव, लक्ष्मण कड़वासरा, मदन गोपाल मेघवाल, भेरुलाल गुर्जर, महेश शर्मा, मुमताज मसीह, शंकर यादव, पवन गोदारा, अर्चना शर्मा, लक्ष्मण सिंह रावत, संदीप चौधरी, लक्ष्मण मीणा, रमीला खड़िया, लाखन सिंह मीणा और रफीक खान शामिल हैं।
वेतन और सरकारी भत्ता भी मिलेगा
कैबिनेट सचिवालय के आदेश में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल और खानुखान बुधवाली का नाम भी शामिल हैं। इन्हें भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया जा चुका है। राज्य मंत्री का दर्जा मिलने के बादा बोर्ड अध्यक्षों को 45 हजार रुपए वेतन और हर महीने 34 हजार रुपए सरकारी भत्ता मिलेगा। इसके साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।