Rajasthan: गरीब आदमी सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकता, वकील एक करोड़ तक फीस लेते हैं, गहलोत बोले- इसकी भी हद होती है
प्रधानमंत्री की क्रेडिबिलिटी है, ऐसे में क्या उन्हें यह नहीं कहना चाहिए कि वह किसी भी कीमत पर हिंसा बर्दास्त नहीं करेंगे। मैं जानता हूं किरण रिजिजू की बात हर कोई सुनता है तो पीएम मोदी भी सुनेंगे।
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जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के सम्मेलन में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में ऐसी स्थिति है कि कोई गरीब आदमी सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि वह वहां के वकीलों की फीस नहीं दे सकता। इसकी भी हद होती है, कोई एक करोड़ तो कोई 80 लाख रुपये तक फीस लेता है। सम्मेलन में बैठे सभी लोगों से मैं चाहूंगा कि आप इस विषय पर खुद भी चिंतन करें।
सीजेआई रमना, सुप्रीम और हाईकोर्ट के जजों के सामने सीएम गहलोत ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू से कहा कि, मैं चाहता हूं कि आप मेरी बात को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएं, जो मैं करीब 3 महीने से लगातार कह रहा हूं। आज देश में तनाव, घृणा और हिंसा का माहौल है। देश में प्रधानमंत्री की क्रेडिबिलिटी है, ऐसे में क्या उन्हें यह नहीं कहना चाहिए कि वह किसी भी कीमत पर हिंसा बर्दास्त नहीं करेंगे। मैं जानता हूं किरण रिजिजू की बात हर कोई सुनता है तो पीएम मोदी भी सुनेंगे। मेरे कहने का तो कोई फर्क नहीं पड़ा, इसलिए आप (किरण रिजिजू) पीएम से अपील करने के लिए कहिए।
मोदी या भाजपा से हमारी दुश्मनी नहीं
सीएम गहलोत ने कहा, चार सुप्रीम कोर्ट के जज कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। उनमें से ही एक गोगोई सीजेआई बन गए और फिर अब सांसद बन गए। इंसान को एक जिंदगी मिलती है और उसमें बेहतर से बेहतर काम होना चाहिए। आज देश में एक के बाद एक सरकारें बदली जा रही हैं। क्या देश में अभी लोकतंत्र है? हमारी नरेंद्र मोदी या भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है। शपथ लेने के बाद भी हम लोग राइट लेफ्ट होते रहते हैं।
तीन साल बाद हुआ सम्मेलन का आयोजन
दो दिवसीय अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के सम्मेलन का शनिवार को सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजन हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सीजेआई एनवी रमन्ना, केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूद थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य मौजूद थे। कोविड के चलते तीन साल बाद नालसा की इस मीट का आयोजन हुआ है।
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