{"_id":"a65c972792c0418df64eefdba80d2a95","slug":"what-led-to-the-bjp-high-command","type":"story","status":"publish","title_hn":"यह क्या देखना पड़ा भाजपा हाईकमान को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यह क्या देखना पड़ा भाजपा हाईकमान को
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2013 09:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हाईकमान ने पंजाब में बोर्ड और कारपोरेशन के चेयरमैनों की नियुक्ति में पंजाब भाजपा के सभी गुटों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जिन सात भाजपा नेताओं की नियुक्ति को हरी झंडी दी है उसमें चार प्रदेश प्रधान कमल शर्मा खेमे से हैं जबकि तीन चेयरमैन पूर्व प्रधान अश्वनी शर्मा और चर्चित तिकड़ी से संबंध रखते हैं।
चेयरमैनों की सूची को लेकर पहले दोनों गुटों ने हाईकमान तक पूरा जोर लगाया और विवाद बढ़ता देख पंजाब प्रभारी शांता कुमार मुख्यमंत्री बादल से यह सूची लेकर दिल्ली चले गए थे।
विज्ञापन
इसके बाद दावेदारों ने दिल्ली पहुंच कर काफी लाबिंग की, लेकिन हाईकमान किसी एक गुट को तरजीह न देकर सभी को संतुष्ट करने की रणनीति पर चल रहा था। बुधवार को घोषित नामों में लंबे समय से उपेक्षित शक्ति शर्मा, विनोद कुमार शर्मा और नरोत्तम देव रत्ती प्रधान कमल शर्मा खेमे के बताए जाते हैं।
हरजीत गरेवाल और विजय सांपला राज्यसभा सदस्य अविनाश राय खन्ना के नजदीकी हैं जबकि मंजीत सिंह राय पूर्व प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा और महामंत्री संगठन अजय जमवाल के खास माने जाते हैं।
हाईकमान ने दोनों खेमों को संतुष्ट करने का भरपूर प्रयास किया है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में नेताओं और वर्करों के मनोबल पर प्रतिकूल असर न पड़े। पार्टी सूत्रों का कहना हैकि 21 दिसंबर को जगरांव में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली की सफल बनाने के लिए हाईकमान ने यह तोहफा दिया है।
मालूम हो कि प्रदेश प्रधान कमल शर्मा और प्रभारी शांता कुमार की ओर से हाईकमान को सौंपी गई सूची को लेकर भाजपा का एक गुट असंतुष्ट था और वह इनमें अपने खास लोगों को शामिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जिन सात भाजपा नेताओं की नियुक्ति को हरी झंडी दी है उसमें चार प्रदेश प्रधान कमल शर्मा खेमे से हैं जबकि तीन चेयरमैन पूर्व प्रधान अश्वनी शर्मा और चर्चित तिकड़ी से संबंध रखते हैं।
विज्ञापन
चेयरमैनों की सूची को लेकर पहले दोनों गुटों ने हाईकमान तक पूरा जोर लगाया और विवाद बढ़ता देख पंजाब प्रभारी शांता कुमार मुख्यमंत्री बादल से यह सूची लेकर दिल्ली चले गए थे।
विज्ञापन
इसके बाद दावेदारों ने दिल्ली पहुंच कर काफी लाबिंग की, लेकिन हाईकमान किसी एक गुट को तरजीह न देकर सभी को संतुष्ट करने की रणनीति पर चल रहा था। बुधवार को घोषित नामों में लंबे समय से उपेक्षित शक्ति शर्मा, विनोद कुमार शर्मा और नरोत्तम देव रत्ती प्रधान कमल शर्मा खेमे के बताए जाते हैं।
हरजीत गरेवाल और विजय सांपला राज्यसभा सदस्य अविनाश राय खन्ना के नजदीकी हैं जबकि मंजीत सिंह राय पूर्व प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा और महामंत्री संगठन अजय जमवाल के खास माने जाते हैं।
हाईकमान ने दोनों खेमों को संतुष्ट करने का भरपूर प्रयास किया है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में नेताओं और वर्करों के मनोबल पर प्रतिकूल असर न पड़े। पार्टी सूत्रों का कहना हैकि 21 दिसंबर को जगरांव में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली की सफल बनाने के लिए हाईकमान ने यह तोहफा दिया है।
मालूम हो कि प्रदेश प्रधान कमल शर्मा और प्रभारी शांता कुमार की ओर से हाईकमान को सौंपी गई सूची को लेकर भाजपा का एक गुट असंतुष्ट था और वह इनमें अपने खास लोगों को शामिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए था।