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विदेश की चाह पड़ी भारी: एक साल तुर्किये में फंसे रहे तीन पंजाबी, संत सीचेवाल के प्रयास से हुई घर वापसी

Tue, 30 May 2023 01:39 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 30 May 2023 01:39 PM IST
सार

युवकों ने बताया कि वे लाखों रुपये खर्च कर इस उम्मीद में विदेश जाना चाहते हैं कि उनका भविष्य भी संवर जाए. लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि भविष्य को सुनहरा बनाने की उम्मीद में वे अपनी जान जोखिम में डाल देंगे। उन्होंने कहा कि तुर्किए के एक कैंप में उन्हें कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा गया और उन्होंने कई तरह की यातनाएं झेलीं।

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Three Punjabi Man of Kapurthala and tarntaran stranded in Turkey for year
संत बलबीर सीचेवाल के साथ तीनों युवक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

ठग ट्रेवल एजेंट के जरिये विदेश जाने का सपना संजोने वाले कपूरथला-तरनतारन के तीन युवक एक साल तक तुर्किये में फंसे रहे। एजेंट ने इनसे पैसा ऐंठने के लिए ऐसा जाल बुना कि अमेरिका जाने के लिए इनके हाथ में जाली वीजा थमा दिया। तुर्किये में एयरपोर्ट से अमेरिका जाने की फ्लाइट पकड़ने पहुंचते ही तुर्किये पुलिस ने इन्हें दबोच लिया और एक साल तक परिजनों के 20 लाख रुपये वहां दयनीय हालत में रहन-सहन पर बर्बाद कर डाले। एजेंट ने जो पैसे ठग लिए, वह अलग हैं। अब राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से तीनों युवक सकुशल घर लौट पाए हैं। 

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कपूरथला के गांव भवानीपुर निवासी नवजोत सिंह, गांव टिब्बा निवासी अमृतपाल सिंह और तरनतारन के गांव सरहाली निवासी हैप्पी सिंह अमेरिका व इटली जाने के लिए निकले थे। इनमें से एक युवक इटली के सपने लेकर घर से निकला था और दो युवक अमेरिका के लिए, लेकिन फर्जी एजेंटों के हाथों जान जोखिम में डालकर विदेशी चंगुल में फंस गए। जिसके बाद राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल के प्रयास से इन युवकों को वापस उनके वतन लाया गया है। 
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युवकों ने बताया कि वे लाखों रुपये खर्च कर इस उम्मीद में विदेश जाना चाहते हैं कि उनका भविष्य भी संवर जाए. लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि भविष्य को सुनहरा बनाने की उम्मीद में वे अपनी जान जोखिम में डाल देंगे। उन्होंने कहा कि तुर्किए के एक कैंप में उन्हें कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा गया और उन्होंने कई तरह की यातनाएं झेलीं। यहां तक कि उन्हें लगातार 11 दिन लोहे के कंटेनर में बंद रखा जाता था। सिर्फ खाना खाने के लिए 10-15 मिनट के लिए बाहर निकाला जाता था। इन युवकों ने कहा कि एक ओर तो घर लौटने की खुशी है और दूसरी ओर इस बात का भी मलाल है कि वे अपना सपना पूरा नहीं कर सके। 
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संत सीचेवाल ने पंजाब के नौजवानों के भविष्य की चिंता करते हुए कहा कि अक्सर नौजवान फर्जी एजेंटों के झांसे में आ जाते हैं और उन्हें पता नहीं होता कि भविष्य में उन्हें किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पंजाब और भारत सरकार से अपील की है कि ऐसे फर्जी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे बेहतर भविष्य के लिए विदेश जरूर जाएं, लेकिन सही रास्ते से काबिलियत के दम पर जाएं।

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