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कोटकपूरा गोलीकांड : सुखबीर बादल ने की थी मुख्य गवाह को प्रभावित करने की कोशिश, आईजी ने डीजीपी को लिखा था पत्र 

Mon, 19 Apr 2021 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 19 Apr 2021 02:30 PM IST
सार

सुखबीर बादल के कहने पर अजीत सिंह को 4 फरवरी 2021 को अमृतसर स्थित एसजीपीसी के दफ्तर में बुलाया गया था और उसे एसजीपीसी में नौकरी देने का वादा किया गया था।

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Sukhbir Badal was accused to try to impress main witness of Kotkapura Firing Case
सुखबीर बादल और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में पंजाब के कोटकपूरा गोलीकांड केस की जांच रिपोर्ट रद्द होने व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के बगैर नए सिरे से एसआईटी बनाए जाने के आदेश को लेकर मचे बवाल के बीच हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। 
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करीब दो माह पहले कोटकपूरा गोलीकांड केस के प्रमुख जांचकर्ता आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने राज्य के डीजीपी समेत ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के डायरेक्टर को पत्र लिखकर दावा किया था कि गोलीकांड की घटनाओं के शक के दायरे में आने वाले शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल कोटकपूरा गोलीकांड केस के मुख्य गवाह अजीत सिंह को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
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पत्र में आरोप लगाया गया था कि सुखबीर बादल के कहने पर अजीत सिंह को 4 फरवरी 2021 को अमृतसर स्थित एसजीपीसी के दफ्तर में बुलाया गया था और उसे एसजीपीसी में नौकरी देने का वादा किया गया था। हालांकि इस संबंध में जब अजीत सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कभी उन्हें नौकरी के लिए नहीं बुलाया, बल्कि काम न होने के चलते घर का चूल्हा चलाने के लिए उसने खुद संपर्क किया था। 
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एसजीपीसी ने उसकी प्रोफाइल देखने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई नौकरी नहीं दी है। अजीत सिंह व उसके पिता बठिंडा जिले के एक गांव के गुरुद्वारा साहिब में बतौर ग्रंथी काम करते हैं। कोटकपूरा की घटना में अजीत सिंह को गोली लगी थी और उसने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के पास अपना बयान दर्ज करवाया था। 

आयोग की रिपोर्ट के आधार पर साल 2018 में अजीत सिंह के बयान पर ही थाना सिटी कोटकपूरा में अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर केस दर्ज हुआ था, जिसमें आईजी कुंवर की अगुवाई में पड़ताल के बाद एसएचओ से लेकर डीजीपी तक कुल छह पुलिस अधिकारियों व पूर्व अकाली विधायक मनतार सिंह बराड़ को चार्जशीट किया गया। 


कुछ समय पहले ही आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने फरीदकोट स्थित एसआईटी के कैंप आफिस में पत्रकार वार्ता करके जानकारी दी थी कि गोलीकांड मामलों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और वे इन मामलों में 9 चालान पेश कर चुके हैं, जबकि जल्द ही अंतिम 10वां चालान भी पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद 10वां चालान कहां रुक गया, उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसी बीच उच्च न्यायालय से जांच रिपोर्ट रद्द होने व आईजी कुंवर को हटाने का फैसला आ गया।  
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