बौखलाए पाक की एक और चाल, बीएसएफ भी चपेट में, लेकिन मजबूती से डंटे हैं हमारे जांबाज
सतलुज नदी का पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीएसएफ के निगरानी टावर और फेंसिंग भी पानी की चपेट में है। अब बीएसएफ जवान बांध के ऊपर ही गश्त कर रहे हैं। बांध के अंदर आती लगभग आठ हजार एकड़ भूमि में लगा धान खराब होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से सतलुज दरिया में जो पानी आ रहा है, वो ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है।
पाकिस्तान की तरफ से कई जगहों पर पानी भारत के इलाके में घुस रहा है। बस्ती राम लाल की तरफ बीएसएफ के निगरानी टावर और फेंसिंग पानी की चपेट में है, यहां पर पैदल गश्त करना बीएसएफ के लिए मुश्किल है। बताया जा रहा है कि बीएसएफ मोटर बोट के जरिए गश्त कर रही है। दिन में बीएसएफ के जवान बांध के ऊपर ही गश्त कर पाकिस्तान में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
बीएसएफ की बीओपी ओल्ड मोहम्मदी वाला की तरफ भी दरिया के पानी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। यहां भी कई जगहों पर फेंसिंग दरिया के पानी में घिरी हुई है। इसी तरह सीमांत गांव टिंडीवाला की तरफ भी पाकिस्तान से आ रहा पानी ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहा है।
टिंडीवाला की तरफ भी बीएसएफ के निगरानी टावर और फेंसिंग पानी के बीच में है। बीएसएफ की सतपाल पोस्ट के आसपास भी पाकिस्तान की तरफ से आ रहे पानी ने तबाही मचाई हुई है। कई जगहों पर बीएसएफ के बंकर पानी में डूबे हुए हैं और कई बंकर पानी में बह गए हैं।
बाढ़ के गंदे पानी से फैल रहा चमड़ी रोग
फिरोजपुर और मक्खू में बाढ़ के गंदे पानी से अधिकतर ग्रामीणों को चमड़ी रोग हो रहा है। सेना और एनडीआरएफ के जवान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लगभग छह सौ लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर लाए हैं। ग्रामीणों के इलाज के लिए सेहत विभाग ने 16 मेडिकल मोबाइल टीमें गठित की हैं जो मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों को दवा दे रही हैं।
बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के लिए 20 राहत कैंप स्थापित किए हैं जिनमें खानपान की सुविधा मुहैया करवाई गई है। फिरोजपुर के सिविल सर्जन हरि नारायण ने बताया कि मक्खू के गांव लालूवाला, जोगीवाला व जमाली वाला में स्थापित मेडिकल कैंपों का निरीक्षण किया गया। कैंपों में देखा गया कि अधिकतर चमड़ी रोग के मरीज कैंपों में आ रहे हैं।
उन्हें मौके पर ही दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के गंदे पानी से ग्रामीणों को चमड़ी रोग हो रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि अब तक 500 ग्रामीणों का चेकअप कर दवा दी जा चुकी है। राहत कैंपों में भी मेडिकल सुविधा मुहैया करवाई है।