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Hindi News ›   Punjab ›   Punjab: Four units of Ropar and Lehra Mohabbat thermal plants have been closed 

बिजली संकट: पंजाब के सरकारी थर्मलों के आधे यूनिट बंद पड़े, पावरकॉम की मुश्किलें बढ़ीं

Sun, 03 Apr 2022 12:26 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 03 Apr 2022 12:26 PM IST
सार

शनिवार को पंजाब में बिजली की कुल मांग 6500 मेगावाट के करीब दर्ज की गई, जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से 2300 मेगावाट के करीब बिजली खरीदनी पड़ी।

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Punjab: Four units of Ropar and Lehra Mohabbat thermal plants have been closed 
thermal power plant

विस्तार

पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों रोपड़ और लहरा मुहब्बत के आठ में से चार यूनिट बंद पड़ गए हैं। गनीमत यह रही कि प्राइवेट प्लांट के सात यूनिटों में एक को छोड़कर बाकी सभी चालू रहे। जिस वजह से पावरकॉम को गरमी के तीखे तेवरों के चलते बिजली की मांग पूरा करने में कोई ज्यादा परेशानी नहीं हुई। पावरकॉम ने शनिवार को मांग को पूरा करने के लिए बाहर से बिजली खरीदी।

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पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांट रोपड़ के चार में से दो और  लहरा मुहब्बत के भी चार में से दो यूनिट बंद पड़ गए हैं। हालांकि पावरकॉम अधिकारी इन यूनिटों के बंद पड़ने के पीछे तकनीकी खराबी व रिपेयर का काम चलने को बता रहे हैं। पर बताया जा रहा है कि कोयले की कमी के चलते यह यूनिट बंद पड़े हैं। जिस कारण शनिवार को इन प्लांटों से मिलने वाली बिजली सप्लाई प्रभावित रही। शनिवार को रोपड़ से 389 मेगावाट, लहरा से 422 मेगावाट बिजली यानी कुल 811 मेगावाट बिजली ही मिल सकी। इन प्लांटों की कुल क्षमता 1760 मेगावाट है। उधर राजपुरा प्लांट 1340 मेगावाट, तलवंडी साबो से 1454 और गोइंदवाल साहिब से 210 मेगावाट बिजली मिली। गोइंदवाल साहिब का एक यूनिट भी कोयले की कमी के चलते बंद पड़ा है। राजपुरा और तलवंडी साबो के सभी पांच यूनिट चल रहे हैं। 
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प्राइवेट प्लांटों से शनिवार को पावरकॉम को 3004 मेगावाट बिजली की सप्लाई हुई। शनिवार को पंजाब में बिजली की कुल मांग 6500 मेगावाट के करीब दर्ज की गई, जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से 2300 मेगावाट के करीब बिजली खरीदनी पड़ी। माहिरों का मानना है कि अगर इसी तरह से कोयले का संकट बना रहा, तो पंजाब में बिजली की किल्लत पैदा हो सकती है जो पिछले साल से भी अधिक होगी।

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