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बिजली, विकास, शिक्षा के लिए 10,500 करोड़
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Feb 2014 01:07 AM IST
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वित्त वर्ष 2014-15 में पंजाब सरकार का फोकस मुख्य रूप से आधाभूत ढांचा विकास, बिजली क्षेत्र और शिक्षा पर रहेगा।
वित्त विभाग द्वारा 2014-15 के लिए तैयार किए जा रहे वार्षिक योजना प्रस्तावों में इन क्षेत्रों में 10,500 करोड़ का खर्च प्रस्तावित किया जा रहा है।
इसे अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय योजना आयोग के साथ होने वाली बैठक में मिलेगी। 2013-14 की योजना में भी उक्त क्षेत्रों पर ही सरकार का ध्यान मुख्य रूप से केंद्रित था।
जानकारी के अनुसार 2014-15 की वार्षिक योजना में शिक्षा के लिए करीब 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।
यह राशि स्कूलों में विभिन्न सुविधाओं के स्तर में सुधार सहित छात्र कल्याण से संबंधित योजनाओं पर खर्च होगी।
बिजली क्षेत्र की मद में 3600 करोड़ रुपये रखे जाने पर विचार-विमर्श चल रहा है।
ट्रांसमिशन सिस्टम में सुधार और नए ग्रिडों की स्थापना के लिए यह राशि इस्तेमाल होगी।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे की मजबूती अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार का प्राथमिक एजेंडा रहा है।
इसी बात को ध्यान में रखकर पीआईडीबी, पुडा, गमाडा, ग्रामीण स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास फंड के लिए करीब 5300 करोड़ रुपये का प्रावधान इस वार्षिक योजना में होने की संभावना है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से व्यापक विकास करना ही इन मदों में इतनी राशि रखने का मुख्य उद्देश्य है।
स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य के लिए 600 करोड़
2014-15 की योजना में स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य के लिए पंजाब सरकार द्वारा करीब 600 करोड़ का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। पिछले वर्ष यह राशि 517 करोड़ थी और इससे संबंधित 18 करोड़ रुपये का एडिशनल बजट भी था।
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वार्षिक योजना 2013-14 के प्रावधानों की स्थिति (अभी तक)
मद बजट खर्च किए (करोड़ों में)
सामान्य शिक्षा 1407 1041
बिजली 3209 1300
ग्रामीण स्थानीय निकाय 0500 0370
ग्रामीण विकास फंड 0900 0750
ग्रामीण विकास 0271 0115
शहरी विकास 0290 0105
पीआईडीबी 1600 0347
पुडा 0309 0256
गमाडा 0340 0280
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वित्त विभाग द्वारा 2014-15 के लिए तैयार किए जा रहे वार्षिक योजना प्रस्तावों में इन क्षेत्रों में 10,500 करोड़ का खर्च प्रस्तावित किया जा रहा है।
इसे अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय योजना आयोग के साथ होने वाली बैठक में मिलेगी। 2013-14 की योजना में भी उक्त क्षेत्रों पर ही सरकार का ध्यान मुख्य रूप से केंद्रित था।
जानकारी के अनुसार 2014-15 की वार्षिक योजना में शिक्षा के लिए करीब 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।
यह राशि स्कूलों में विभिन्न सुविधाओं के स्तर में सुधार सहित छात्र कल्याण से संबंधित योजनाओं पर खर्च होगी।
बिजली क्षेत्र की मद में 3600 करोड़ रुपये रखे जाने पर विचार-विमर्श चल रहा है।
ट्रांसमिशन सिस्टम में सुधार और नए ग्रिडों की स्थापना के लिए यह राशि इस्तेमाल होगी।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे की मजबूती अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार का प्राथमिक एजेंडा रहा है।
इसी बात को ध्यान में रखकर पीआईडीबी, पुडा, गमाडा, ग्रामीण स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास फंड के लिए करीब 5300 करोड़ रुपये का प्रावधान इस वार्षिक योजना में होने की संभावना है।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से व्यापक विकास करना ही इन मदों में इतनी राशि रखने का मुख्य उद्देश्य है।
स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य के लिए 600 करोड़
2014-15 की योजना में स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य के लिए पंजाब सरकार द्वारा करीब 600 करोड़ का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। पिछले वर्ष यह राशि 517 करोड़ थी और इससे संबंधित 18 करोड़ रुपये का एडिशनल बजट भी था।
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वार्षिक योजना 2013-14 के प्रावधानों की स्थिति (अभी तक)
मद बजट खर्च किए (करोड़ों में)
सामान्य शिक्षा 1407 1041
बिजली 3209 1300
ग्रामीण स्थानीय निकाय 0500 0370
ग्रामीण विकास फंड 0900 0750
ग्रामीण विकास 0271 0115
शहरी विकास 0290 0105
पीआईडीबी 1600 0347
पुडा 0309 0256
गमाडा 0340 0280