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बाजवा ने उम्मीदवारों का पैनल हाईकमान को सौंपा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 Dec 2013 11:54 PM IST
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पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का पैनल पार्टी हाईकमान को सौंप दिया है।
इसके अलावा उन्होंने आल इंडिया कांग्रेस एलायंस कमेटी के चेयरमैन एके एंटनी से मुलाकात कर उन्हें पंजाब में पार्टी के सहयोगी दलों के साथ गठबंधन पर भी विचार विमर्श किया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मौजूदा आठ सांसदों में से कुछ का नाम पैनल से हटाया गया है जबकि कुछ उम्मीदवारों के हलके तब्दील किए गए हैं।
सांसद मोहिंदर सिंह केपी को दोबारा जालंधर से मौका देने के मूड में पार्टी दिखाई नहीं देती।
कमोबेश यही स्थिति होशियारपुर से केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष चौधरी की भी है। इन दोनों सांसदों के हलके में बदलाव के संकेत हैं।
होशियारपुर को लेकर कांग्रेस गंभीर है क्योंकि अगर भाजपा के टिकट से पंजाबी गायिका मिस पूजा मैदान में उतरती हैं तो उनके मुकाबले चौधरी कितनी भारी पड़ेंगी, इस मुद्दे पर बैठक के दौरान काफी चर्चा हुई बताई जाती है।
मोहिंदर सिंह केपी को होशियारपुर से मैदान में उतारने जाने को लेकर कांग्रेस नफे नुकसान का आंकलन करने में जुटी है।
उधर, बैठक के दौरान बाजवा ने एंटनी से पंजाब में धर्मनिरपेक्ष ताकतों का सहयोग लेने पर भी चर्चा की।
पंजाब कांग्रेस का मानना है कि भले ही राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथियों से तालमेल भले ही न हो, लेकिन पंजाब में सांझा मोर्चे के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए।
प्रत्याशियों के नामों का पैनल अब स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन सीपी जोशी के पास भेजी जाएगी, इसके बाद अंतिम निर्णय हाईकमान लेगा।
बाजवा की कोशिश है कि चुनाव से तीन महीने पहले उम्मीदवारों का ऐलान हो जाए, जिससे उन्हें प्रचार के लिए पूरा वक्त मिल सके।
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इसके अलावा उन्होंने आल इंडिया कांग्रेस एलायंस कमेटी के चेयरमैन एके एंटनी से मुलाकात कर उन्हें पंजाब में पार्टी के सहयोगी दलों के साथ गठबंधन पर भी विचार विमर्श किया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मौजूदा आठ सांसदों में से कुछ का नाम पैनल से हटाया गया है जबकि कुछ उम्मीदवारों के हलके तब्दील किए गए हैं।
सांसद मोहिंदर सिंह केपी को दोबारा जालंधर से मौका देने के मूड में पार्टी दिखाई नहीं देती।
कमोबेश यही स्थिति होशियारपुर से केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष चौधरी की भी है। इन दोनों सांसदों के हलके में बदलाव के संकेत हैं।
होशियारपुर को लेकर कांग्रेस गंभीर है क्योंकि अगर भाजपा के टिकट से पंजाबी गायिका मिस पूजा मैदान में उतरती हैं तो उनके मुकाबले चौधरी कितनी भारी पड़ेंगी, इस मुद्दे पर बैठक के दौरान काफी चर्चा हुई बताई जाती है।
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मोहिंदर सिंह केपी को होशियारपुर से मैदान में उतारने जाने को लेकर कांग्रेस नफे नुकसान का आंकलन करने में जुटी है।
उधर, बैठक के दौरान बाजवा ने एंटनी से पंजाब में धर्मनिरपेक्ष ताकतों का सहयोग लेने पर भी चर्चा की।
पंजाब कांग्रेस का मानना है कि भले ही राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथियों से तालमेल भले ही न हो, लेकिन पंजाब में सांझा मोर्चे के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए।
प्रत्याशियों के नामों का पैनल अब स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन सीपी जोशी के पास भेजी जाएगी, इसके बाद अंतिम निर्णय हाईकमान लेगा।
बाजवा की कोशिश है कि चुनाव से तीन महीने पहले उम्मीदवारों का ऐलान हो जाए, जिससे उन्हें प्रचार के लिए पूरा वक्त मिल सके।