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अब विधायकों की कोठियों का होगा घेराव
जालंधर
Updated Mon, 30 Dec 2013 10:48 PM IST
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पंजाब के व्यापारी अब शिअद के साथ-साथ भाजपा से भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 30 जून को व्यापारियों को जहां चंडीगढ़ में डिप्टी सीएम ने तमाम वादे पूरे करने का आश्वासन देकर घर भेज दिया था, वहीं पंजाब भाजपा के प्रधान कमल शर्मा ने भी नवंबर के पहले हफ्ते में व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि 15 दिन के अंदर सारी मुश्किलों का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है। ऐसे में व्यापारी अब भाजपा से भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
व्यापारियों ने अब नए साल में नई रणनीति तैयार कर संघर्ष जारी रखने की योजना बनाई है। व्यापारी अब नए साल से जालंधर से रोजाना एक विधायक की कोठी का घेराव करेंगे। साल के पहले दिन की शुरुआत मनोरंजन कालिया की कोठी से होगी और जालंधर में आखिरी नंबर सीपीएस केडी भंडारी की कोठी का लगेगा। इसके अलावा दूसरे चरण में व्यापारी आम आदमी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे। तीसरा कदम भाजपा की तरफ से पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को पंजाब के व्यापारियों की लंबी दास्तान का पत्र लिखा जाएगा। अगर फिर भी व्यापारियों की मांगें नहीं सुनी गईं तो व्यापारी कारोबार बंद कर सड़कों पर उतरेंगे।
सबने धोखा दिया : रविंदर
पंजाब के व्यापारी नेता व्यापार सेना प्रमुख और संघ पृष्ठभूमि से रविंदर धीर का कहना है कि डिप्टी सीएम ने 30 जून को चंडीगढ़ बुलाकर झूठा वादा किया, वहीं पंजाब भाजपा के प्रधान कमल शर्मा ने भी उनके साथ धोखा किया। व्यापारियों के सिर पर सारी सीटें जीतने वाली भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को ही धोखा दे गई। धीर ने कहा कि मलाल तो इस बात का है कि सात नवंबर को जब भाजपा प्रदेश प्रधान कमल शर्मा ने व्यापारियों के साथ बैठक की थी तो उन्होंने कहा था कि समस्याएं जायज हैं, 15 दिन में समाधान करवाया जाएगा। धीर ने कटाक्ष किया कि 45 दिन का समय बीत चुका है, हमसे तो किसी ने संपर्क तक नहीं किया। उल्टा पंजाब के निकाय मंत्री अनिल जोशी व्यापारियों को अपने तेवर दिखाकर चले गए।
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ये हैं मांगें
कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स कम किया जाए। पंजाब में व्यापारियों को सी. फार्म की दिक्कत है, जिसका स्थायी समाधान करवाया जाए। व्यापारियों के करोड़ों रुपये सरकार के पास वैट के बकाया के रूप में पड़े हैं, व्यापारी कार्यालयों में धक्के खा रहे हैं, उनकी बात सुनी नहीं जा रही। ई-ट्रिप व्यापारियों के गले में फंदा है, जिसको दूर किया जाए। पंजाब में व्यापारियों के लिए कोई पॉलिसी बनाते वक्त इसमें व्यापारी प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
पंजाब सरकार के आगे रखा है मामला
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और मुख्य संसदीय सचिव केडी भंडारी का कहना है कि व्यापारियों की मांग को उन्होंने सीएम प्रकाश सिंह बादल, पंजाब भाजपा के प्रधान कमल शर्मा के आगे तो रखा, साथ ही निकाय मंत्री अनिल जोशी से बैठक भी करवाई। अब व्यापारी जिद्द पर अड़े हुए हैं, वह खुद व्यापारियों के हक में हैं। वैट संबंधी शिकायत का तो समाधान करवाया भी जा चुका है।
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व्यापारियों ने अब नए साल में नई रणनीति तैयार कर संघर्ष जारी रखने की योजना बनाई है। व्यापारी अब नए साल से जालंधर से रोजाना एक विधायक की कोठी का घेराव करेंगे। साल के पहले दिन की शुरुआत मनोरंजन कालिया की कोठी से होगी और जालंधर में आखिरी नंबर सीपीएस केडी भंडारी की कोठी का लगेगा। इसके अलावा दूसरे चरण में व्यापारी आम आदमी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे। तीसरा कदम भाजपा की तरफ से पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को पंजाब के व्यापारियों की लंबी दास्तान का पत्र लिखा जाएगा। अगर फिर भी व्यापारियों की मांगें नहीं सुनी गईं तो व्यापारी कारोबार बंद कर सड़कों पर उतरेंगे।
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सबने धोखा दिया : रविंदर
पंजाब के व्यापारी नेता व्यापार सेना प्रमुख और संघ पृष्ठभूमि से रविंदर धीर का कहना है कि डिप्टी सीएम ने 30 जून को चंडीगढ़ बुलाकर झूठा वादा किया, वहीं पंजाब भाजपा के प्रधान कमल शर्मा ने भी उनके साथ धोखा किया। व्यापारियों के सिर पर सारी सीटें जीतने वाली भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को ही धोखा दे गई। धीर ने कहा कि मलाल तो इस बात का है कि सात नवंबर को जब भाजपा प्रदेश प्रधान कमल शर्मा ने व्यापारियों के साथ बैठक की थी तो उन्होंने कहा था कि समस्याएं जायज हैं, 15 दिन में समाधान करवाया जाएगा। धीर ने कटाक्ष किया कि 45 दिन का समय बीत चुका है, हमसे तो किसी ने संपर्क तक नहीं किया। उल्टा पंजाब के निकाय मंत्री अनिल जोशी व्यापारियों को अपने तेवर दिखाकर चले गए।
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ये हैं मांगें
कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स कम किया जाए। पंजाब में व्यापारियों को सी. फार्म की दिक्कत है, जिसका स्थायी समाधान करवाया जाए। व्यापारियों के करोड़ों रुपये सरकार के पास वैट के बकाया के रूप में पड़े हैं, व्यापारी कार्यालयों में धक्के खा रहे हैं, उनकी बात सुनी नहीं जा रही। ई-ट्रिप व्यापारियों के गले में फंदा है, जिसको दूर किया जाए। पंजाब में व्यापारियों के लिए कोई पॉलिसी बनाते वक्त इसमें व्यापारी प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
पंजाब सरकार के आगे रखा है मामला
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और मुख्य संसदीय सचिव केडी भंडारी का कहना है कि व्यापारियों की मांग को उन्होंने सीएम प्रकाश सिंह बादल, पंजाब भाजपा के प्रधान कमल शर्मा के आगे तो रखा, साथ ही निकाय मंत्री अनिल जोशी से बैठक भी करवाई। अब व्यापारी जिद्द पर अड़े हुए हैं, वह खुद व्यापारियों के हक में हैं। वैट संबंधी शिकायत का तो समाधान करवाया भी जा चुका है।