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सफेद मक्खी बीटी काटन को कर रही बर्बाद, विभाग मानने को नहीं तैयार
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Tue, 19 Jul 2016 04:21 PM IST
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farmer
- फोटो : डेमो फोटो
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क्षेत्र में सफेद मक्खी किसानों की बीटी काटन की फसल को बर्बाद कर रही है किंतु कृषि विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है और जिले में सफेद मक्खी के असर होने से साफ इंकार कर रहा है जबकि बीटी काटन की फसल लगाने वाले किसान चिंता में डूबे हुए हैं।
लहरा क्षेत्र में सफेद मक्खी ने कहर इस तरह बरपाया कि किसान अपनी फसल को जोतने को मजबूर हैं। अब तक लहरा हलके में कई एकड़ फसल इसकी चपेट में आ चुकी है और किसानों के पास इसकी जोताई करने के सिवाए और कोई विकल्प नहीं है। लहरा के बाद अब सफेद मक्खी ने संगरूर के आसपास के क्षेत्र में भी दस्तक दे दी है और किसानों की बीटी काटन की फसल को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।
नजदीकी गांव थलेसा में किसान हरबख्श सिंह ने भरे मन से बताया कि उसके पास सिर्फ गुजारा करने लायक ही जमीन है और उसने इस साल कड़ी मेहनत करके बीटी काटन की फसल को लगाया था किंतु अब बीटी काटन की फसल सफेद मक्खी की चपेट में आकर बर्बाद हो गई है।
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उन्होंने अपनी फसल बचाने के लिए हर संभव कोशिश की और हर तरह की दवा का छिड़काव किया किंतु सफेद मक्खी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। यहां तक कि कृषि विभाग से संपर्क किया लेकिन उसे कोई समाधान नहीं मिला। आखिरकार उसे मजबूरीवश अपनी तीन बीघे में लगे नरमे की फसल को जोतना पड़ा।
जिला कृषि अधिकारी जगतार सिंह बराड़ ने कहा कि जिले के किसी भी हिस्से में सफेद मक्खी के हमले वाली स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि फसल पर स्प्रे करने के बाद भी सफेद मक्खी खत्म न हो और किसान को अपनी फसल जोतने की जरूरत पड़ती हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह सफेद मक्खी के से नहीं घबराएं क्योंकि विभाग इस तरफ गंभीरता से काम कर रहा है।
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लहरा क्षेत्र में सफेद मक्खी ने कहर इस तरह बरपाया कि किसान अपनी फसल को जोतने को मजबूर हैं। अब तक लहरा हलके में कई एकड़ फसल इसकी चपेट में आ चुकी है और किसानों के पास इसकी जोताई करने के सिवाए और कोई विकल्प नहीं है। लहरा के बाद अब सफेद मक्खी ने संगरूर के आसपास के क्षेत्र में भी दस्तक दे दी है और किसानों की बीटी काटन की फसल को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।
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नजदीकी गांव थलेसा में किसान हरबख्श सिंह ने भरे मन से बताया कि उसके पास सिर्फ गुजारा करने लायक ही जमीन है और उसने इस साल कड़ी मेहनत करके बीटी काटन की फसल को लगाया था किंतु अब बीटी काटन की फसल सफेद मक्खी की चपेट में आकर बर्बाद हो गई है।
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उन्होंने अपनी फसल बचाने के लिए हर संभव कोशिश की और हर तरह की दवा का छिड़काव किया किंतु सफेद मक्खी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। यहां तक कि कृषि विभाग से संपर्क किया लेकिन उसे कोई समाधान नहीं मिला। आखिरकार उसे मजबूरीवश अपनी तीन बीघे में लगे नरमे की फसल को जोतना पड़ा।
जिला कृषि अधिकारी जगतार सिंह बराड़ ने कहा कि जिले के किसी भी हिस्से में सफेद मक्खी के हमले वाली स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि फसल पर स्प्रे करने के बाद भी सफेद मक्खी खत्म न हो और किसान को अपनी फसल जोतने की जरूरत पड़ती हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह सफेद मक्खी के से नहीं घबराएं क्योंकि विभाग इस तरफ गंभीरता से काम कर रहा है।