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गेहूं की अदायगी नहीं होने से किसान परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला रोपड़
Updated Mon, 18 Apr 2016 10:27 PM IST
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रोपड़ की अनाज मंडी में गेहूं की सफाई करते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की मंडियों में गेहूं की अदायगी न होने से किसान परेशान हो रहे हैं। वहीं आढ़ती भी मुसीबत में है। रोपड़ मंडी में 7 अप्रैल से गेहूं की आमद व खरीद शुरू हो गई थी। अब तक 60 प्रतिशत गेहूं की आमद हो चुकी है। आढ़तियों व किसानों को अभी तक खरीदे गए गेहूं की अदायगी नहीं की गई है। वहीं सरकार ने 48 घंटे में अदायगी का दावा किया था।
रोपड़ मंडी में तीन एजेंसियां गेहूं की खरीद कर रही हैं। अब तक कुल 70609 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। मार्कफेट 25944.50 क्विंटल, पनसप 1487.50 क्विंटल और पनग्रेन 22537.50 क्विंटल गेहूं खरीद चुका है। मार्कफेड की ओर से 15929 बोरियों की लिफ्टिंग नहीं हो पाई है। पनसप की 24875 बोरियों की लिफ्टिंग होना बाकी है। पनग्रेन की 52575 बोरियों की लिफ्टिंग शेष है। तीनों एजेंसियों के अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं।
मंडी में गेहूं लेकर आए गांव सिंबल झलियां के किसान गुरनाम सिंह ने कहा कि वह छह दिन पहले 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए थे और सोमवार को भी 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए है। उन्हें पेमेंट के बारे में उनहें कुछ नहीं बताया जा रहा है। गांव असमानपुर के किसान भलिंदर सिंह ने कहा कि वह 250 क्विंटल गेहूं बेच चुके हैं। भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आढ़ती अशोक बत्रा ने कहा कि 36 साल में यह पहली बार हुआ है कि सरकार ने पेमेंट करने में इतनी देरी की हो।
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उधर, मिनी सचिवालय में गेहूं की सरकारी खरीद का जायजा लेने के लिए डिप्टी कमिश्नर करनेश शर्मा ने अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग। उन्होंने अधिकारियों को गेहूं की लिफ्टिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार की तरफ से लिफ्टिंग ढील बरती जाती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
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रोपड़ मंडी में तीन एजेंसियां गेहूं की खरीद कर रही हैं। अब तक कुल 70609 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। मार्कफेट 25944.50 क्विंटल, पनसप 1487.50 क्विंटल और पनग्रेन 22537.50 क्विंटल गेहूं खरीद चुका है। मार्कफेड की ओर से 15929 बोरियों की लिफ्टिंग नहीं हो पाई है। पनसप की 24875 बोरियों की लिफ्टिंग होना बाकी है। पनग्रेन की 52575 बोरियों की लिफ्टिंग शेष है। तीनों एजेंसियों के अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं।
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मंडी में गेहूं लेकर आए गांव सिंबल झलियां के किसान गुरनाम सिंह ने कहा कि वह छह दिन पहले 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए थे और सोमवार को भी 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए है। उन्हें पेमेंट के बारे में उनहें कुछ नहीं बताया जा रहा है। गांव असमानपुर के किसान भलिंदर सिंह ने कहा कि वह 250 क्विंटल गेहूं बेच चुके हैं। भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आढ़ती अशोक बत्रा ने कहा कि 36 साल में यह पहली बार हुआ है कि सरकार ने पेमेंट करने में इतनी देरी की हो।
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उधर, मिनी सचिवालय में गेहूं की सरकारी खरीद का जायजा लेने के लिए डिप्टी कमिश्नर करनेश शर्मा ने अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग। उन्होंने अधिकारियों को गेहूं की लिफ्टिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार की तरफ से लिफ्टिंग ढील बरती जाती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।