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‘वेटरिनरी डॉक्टरों के 117 पद जल्द भरे जाएंगे’
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
Updated Tue, 02 Jun 2015 09:35 PM IST
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पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से वेटरिनरी डॉक्टरों के 117 पदों को भरने की मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
रणीके मंगलवार को यहां तीस करोड़ पचास लाख की लागत से बनने वाले डेयरी सिखलाई और विस्तार केंद्र का नींव पत्थर रखने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आठ अन्य केंद्र अलग-अलग जिलों में खोले गए हैं और जल्द ही अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
डेयरी सिखलाई सेंटर में क्लास रूम, सेमिनार हाल, दूध की गुणवत्ता जांच के लिए लैब और अन्य सुविधाएं डेयरी फार्मरों को दी जाएंगी। इस सिखलाई केंद्र में एक महीने में पचास के करीब पशुपालकों को सिखलाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पशुओं का इलाज करने के लिए 22 जिलों में चलाई मोबाइल गाड़ियों की योजना को बलाक स्तर पर पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
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राज्य के विभिन्न जिलों में आधुनिक पशु मंडियां स्थापित की जाएंगी और जिसके तहत ऐसी दस पशु मंडियां प्रति मंडी चार करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग ने बताया कि अभी तक डेयरी धंधे की सिखलाई लेने के लिए जिला मानसा के सरदूलगढ़ अथवा लुधियाना जिले के बीजा में स्थापित सेंटर मेें जाना पड़ता था।
शहर में सिखलाई सेंटर स्थापित होने से जिले के डेयरी फार्मरों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और नजदीकी जिले के किसानों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
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रणीके मंगलवार को यहां तीस करोड़ पचास लाख की लागत से बनने वाले डेयरी सिखलाई और विस्तार केंद्र का नींव पत्थर रखने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आठ अन्य केंद्र अलग-अलग जिलों में खोले गए हैं और जल्द ही अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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डेयरी सिखलाई सेंटर में क्लास रूम, सेमिनार हाल, दूध की गुणवत्ता जांच के लिए लैब और अन्य सुविधाएं डेयरी फार्मरों को दी जाएंगी। इस सिखलाई केंद्र में एक महीने में पचास के करीब पशुपालकों को सिखलाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पशुओं का इलाज करने के लिए 22 जिलों में चलाई मोबाइल गाड़ियों की योजना को बलाक स्तर पर पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
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राज्य के विभिन्न जिलों में आधुनिक पशु मंडियां स्थापित की जाएंगी और जिसके तहत ऐसी दस पशु मंडियां प्रति मंडी चार करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग ने बताया कि अभी तक डेयरी धंधे की सिखलाई लेने के लिए जिला मानसा के सरदूलगढ़ अथवा लुधियाना जिले के बीजा में स्थापित सेंटर मेें जाना पड़ता था।
शहर में सिखलाई सेंटर स्थापित होने से जिले के डेयरी फार्मरों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और नजदीकी जिले के किसानों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।