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सरकार पर धान का ढाई सौ करोड़ बकाया, गुस्से में किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Fri, 25 Nov 2016 03:16 PM IST
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खेती
- फोटो : फाइल फोटो
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एक माह पहले खरीदे धान की करीब ढाई सौ करोड़ रुपये की अदायगी नहीं होने से किसान, आढ़ती वर्ग के सब्र का बांध टूटने के कगार पर है। अदायगी न होने से किसान की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के अलावा खेती की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
खेती आधारित क्षेत्र होने के कारण इस जिले के बाजारों की भी आर्थिकता डगमगाने लगी है। नोटबंदी ने तो इस समस्या में आग में घी डालने का काम किया है। लेन देन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुनाम अनाज मंडी में मार्कफेड ने 24 अक्टूबर तक खरीदे धान की अदायगी ही की है। पनसप ने 26 अक्टूबर और पनग्रेन ने 30 अक्टूबर तक खरीदे धान की पेमेंट की है। अन्य खरीद केंद्रों तथा मंडियों की स्थिति भी ठीक इसी तरह की है। जिले में धान का करीब ढाई सौ करोड़ रुपये बकाया खड़ा है।
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इससे किसान, आढ़ती व मजदूर वर्ग बेहद परेशान है। गांव तोलावाल के किसान जसवंत सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों को बर्बाद करने वाली हैं। धान की अदायगी चौबीस घंटे के भीतर करने के केंद्र व राज्य सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजिंदर सिंह राजा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार, कांग्रेस हितेषी होने का मात्र ढोंग कर रहे हैं। किसान फसल के पैसे के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। किसानों की फसल को खरीदे एक माह का समय बीत गया है, लेकिन सरकार मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी मनजीत सिंह ने कहा कि अगले दो या तीन दिन के भीतर धान की पेमेंट कर दी जाएगी। दो सौ करोड़ से ज्यादा धान का बकाया है। किसान अदायगी की चिंता नहीं करें।
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खेती आधारित क्षेत्र होने के कारण इस जिले के बाजारों की भी आर्थिकता डगमगाने लगी है। नोटबंदी ने तो इस समस्या में आग में घी डालने का काम किया है। लेन देन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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सुनाम अनाज मंडी में मार्कफेड ने 24 अक्टूबर तक खरीदे धान की अदायगी ही की है। पनसप ने 26 अक्टूबर और पनग्रेन ने 30 अक्टूबर तक खरीदे धान की पेमेंट की है। अन्य खरीद केंद्रों तथा मंडियों की स्थिति भी ठीक इसी तरह की है। जिले में धान का करीब ढाई सौ करोड़ रुपये बकाया खड़ा है।
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इससे किसान, आढ़ती व मजदूर वर्ग बेहद परेशान है। गांव तोलावाल के किसान जसवंत सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों को बर्बाद करने वाली हैं। धान की अदायगी चौबीस घंटे के भीतर करने के केंद्र व राज्य सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजिंदर सिंह राजा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार, कांग्रेस हितेषी होने का मात्र ढोंग कर रहे हैं। किसान फसल के पैसे के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। किसानों की फसल को खरीदे एक माह का समय बीत गया है, लेकिन सरकार मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी मनजीत सिंह ने कहा कि अगले दो या तीन दिन के भीतर धान की पेमेंट कर दी जाएगी। दो सौ करोड़ से ज्यादा धान का बकाया है। किसान अदायगी की चिंता नहीं करें।