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तीन बेरोजगार अध्यापकों ने भाखड़ा नहर में लगाई छलांग, बचाया
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नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर पंजाब सरकार के उदासीन रवैये से भड़के तीन बेरोजगार अध्यापकों ने वीरवार को पटियाला-संगरूर रोड पर भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी। मौके पर पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन में आते हुए गोताखोरों की मदद से दोनों बेरोजगारों को बचाकर सकुशल बाहर निकाल लिया।
इससे पहले इन 2364 ईटीटी सिलेक्टिड अध्यापकों ने फव्वारा चौक पर प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह बेरोजगार अध्यापक मांगों को लेकर पिछले 50 दिनों से गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब केे नजदीक पक्का धरना लगाकर बैठे हैं। सरकार की अनदेखी से नाराज प्रदेश भर से 2364 ईटीटी सिलेक्टिड अध्यापक वीरवार को सीएम सिटी में इकट्ठा हुए और फव्वारा चौक में प्रदर्शन किया। इसके बाद गुप्त एक्शन के तहत बेरोजगार अध्यापकों ने पटियाला-संगरूर रोड पर पसियाना के नजदीक भाखड़ा नहर का रुख किया। यहां बाद दोपहर दो बेरोजगार अध्यापकों संदीप और अनूप ने नहर में छलांग लगा दी। बेरोजगारों के नहर में कूदने के साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत गोताखोरों की मदद से दोनों को बचाकर बाहर निकाला गया। तीसरे बेरोजगार ने शाम को नहर में छलांग मारी, उसे भी गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापकों का भाखड़ा नहर के पुल पर धरना जारी था। बेरोजगार अड़े थे कि उनकी सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक तय कराई जाए, लेकिन मीटिंग का समय शिक्षा मंत्री के साथ मिल रहा था, जिससे बेरोजगार खफा थे। इस मौके पर सुखजिंदर सिंह राइयां ने कहा कि छह मार्च 2020 को जारी 2364 ईटीटी पोस्टों के लिए दिसंबर 2020 तक स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी करवा चुके अध्यापकों को करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार द्वारा नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के साथ मसले को लेकर कई मीटिंगें कीं, लेकिन केवल टालमटोल ही की गई। इस कारण मजबूर होकर वीरवार को बेरोजगार अध्यापकों को यह कदम उठाना पड़ा।
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इससे पहले इन 2364 ईटीटी सिलेक्टिड अध्यापकों ने फव्वारा चौक पर प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह बेरोजगार अध्यापक मांगों को लेकर पिछले 50 दिनों से गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब केे नजदीक पक्का धरना लगाकर बैठे हैं। सरकार की अनदेखी से नाराज प्रदेश भर से 2364 ईटीटी सिलेक्टिड अध्यापक वीरवार को सीएम सिटी में इकट्ठा हुए और फव्वारा चौक में प्रदर्शन किया। इसके बाद गुप्त एक्शन के तहत बेरोजगार अध्यापकों ने पटियाला-संगरूर रोड पर पसियाना के नजदीक भाखड़ा नहर का रुख किया। यहां बाद दोपहर दो बेरोजगार अध्यापकों संदीप और अनूप ने नहर में छलांग लगा दी। बेरोजगारों के नहर में कूदने के साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत गोताखोरों की मदद से दोनों को बचाकर बाहर निकाला गया। तीसरे बेरोजगार ने शाम को नहर में छलांग मारी, उसे भी गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापकों का भाखड़ा नहर के पुल पर धरना जारी था। बेरोजगार अड़े थे कि उनकी सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक तय कराई जाए, लेकिन मीटिंग का समय शिक्षा मंत्री के साथ मिल रहा था, जिससे बेरोजगार खफा थे। इस मौके पर सुखजिंदर सिंह राइयां ने कहा कि छह मार्च 2020 को जारी 2364 ईटीटी पोस्टों के लिए दिसंबर 2020 तक स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी करवा चुके अध्यापकों को करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार द्वारा नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के साथ मसले को लेकर कई मीटिंगें कीं, लेकिन केवल टालमटोल ही की गई। इस कारण मजबूर होकर वीरवार को बेरोजगार अध्यापकों को यह कदम उठाना पड़ा।
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