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करोड़ों की अदायगियों के लिए सरकार पर बरसे मुलाजिम
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 27 Nov 2015 03:35 PM IST
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द क्लास फोरथ गर्वनमेंट इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले विभिन्न विभागों के मुलाजिमों ने वीरवार को सरकार के खिलाफ रैली की। इस मौके पर मुलाजिमों की 300 करोड़ से अधिक की रुकी अदायगियां देने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
रैली में मुलाजिम लीडर दर्शन सिंह लुबाना और मोहन सिंह नेगी ने कहा कि मुलाजिमों की 300 करोड़ रुपये से अधिक की अदायगियां रुकी पड़ी हैं, जिन्हें तुरंत दिया जाए। साथ ही मांग की गई कि करीब एक लाख दिहाड़ीदार, कांट्रेक्ट, आउटसोर्स, पार्ट टाइम मुलाजिम पिछले 15 साल से सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभाग में काम कर रहे हैं, उनको पहल के आधार पर रेगुलर किया जाए।
पंजाब के छठे वेतन आयोग की स्थापना की भी मांग की गई। सरकार ने 2014 के महंगाई भत्ते की दो किश्तों का 17 महीने का बकाया, जनवरी 2015 से सितंबर तक का बकाया और जुलाई की महंगाई भत्ते की किश्त दबाई है।
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अल्टीमेटम दिया गया कि अगर मुलाजिमों की मांगें न मानी गईं तो एक दिसंबर को जिला खजाना दफ्तरों के सामने रैलियां करके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाएगी। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
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रैली में मुलाजिम लीडर दर्शन सिंह लुबाना और मोहन सिंह नेगी ने कहा कि मुलाजिमों की 300 करोड़ रुपये से अधिक की अदायगियां रुकी पड़ी हैं, जिन्हें तुरंत दिया जाए। साथ ही मांग की गई कि करीब एक लाख दिहाड़ीदार, कांट्रेक्ट, आउटसोर्स, पार्ट टाइम मुलाजिम पिछले 15 साल से सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभाग में काम कर रहे हैं, उनको पहल के आधार पर रेगुलर किया जाए।
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पंजाब के छठे वेतन आयोग की स्थापना की भी मांग की गई। सरकार ने 2014 के महंगाई भत्ते की दो किश्तों का 17 महीने का बकाया, जनवरी 2015 से सितंबर तक का बकाया और जुलाई की महंगाई भत्ते की किश्त दबाई है।
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अल्टीमेटम दिया गया कि अगर मुलाजिमों की मांगें न मानी गईं तो एक दिसंबर को जिला खजाना दफ्तरों के सामने रैलियां करके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाएगी। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।