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कर्ज के बोझ तले दबे नौजवान किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:55 PM IST
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पटियाला के गांव कौरजीवाला (रणबीरपुरा) में कर्ज के बोझ तले एक नौजवान किसान की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक किसान मानसिक रूप से परेशान था, इसी हालत में उसने कोई गलत दवा का सेवन कर लिया। इससे उसकी मौत हो गई।
पंजाब में कर्ज की मार कारण किसानों की ओर से आत्महत्याएं करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात भादसों रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गांव कौरजीवाला (रणबीरपुरा) के रहने वाले 37 साल के किसान दविंदर सिंह की मौत हो गई।
किसान पर काफी कर्जा चढ़ा था, जिससे वह काफी परेशान रहता था। संबंधित पसियाना थाना पुलिस का भी मानना है कि किसान दविंदर सिंह मानसिक तौर पर काफी परेशान था। इसी हालत में उसने कोई गलत दवा पी ली। गंभीर हालत में उसे भादसों रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
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दविंदर सिंह के पिता भुपिंदर सिंह ने तीन साल पहले कर्ज के बोझ कारण आत्महत्या कर ली थी। पिता के बाद अब बेटे की भी कर्जे के कारण मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। पहले बेटे और अब जवान पोते की मौत से दादा काफी सदमे में है।
दादा बीमार हो गया है, उसे पटियाला के अमर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दविंदर सिंह का आज उसके गांव कौरजीवाला में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मौके पर हर गांव वाले की आंखें नम थीं। गांव वालों का यही कहना था कि सरकार किसानों की मौतों को लेकर कोई सुध क्यों नहीं ले रही है। कब तक किसान कर्जों के कारण अपनी जान देते रहेंगे।
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पंजाब में कर्ज की मार कारण किसानों की ओर से आत्महत्याएं करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात भादसों रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गांव कौरजीवाला (रणबीरपुरा) के रहने वाले 37 साल के किसान दविंदर सिंह की मौत हो गई।
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किसान पर काफी कर्जा चढ़ा था, जिससे वह काफी परेशान रहता था। संबंधित पसियाना थाना पुलिस का भी मानना है कि किसान दविंदर सिंह मानसिक तौर पर काफी परेशान था। इसी हालत में उसने कोई गलत दवा पी ली। गंभीर हालत में उसे भादसों रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
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दविंदर सिंह के पिता भुपिंदर सिंह ने तीन साल पहले कर्ज के बोझ कारण आत्महत्या कर ली थी। पिता के बाद अब बेटे की भी कर्जे के कारण मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। पहले बेटे और अब जवान पोते की मौत से दादा काफी सदमे में है।
दादा बीमार हो गया है, उसे पटियाला के अमर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दविंदर सिंह का आज उसके गांव कौरजीवाला में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मौके पर हर गांव वाले की आंखें नम थीं। गांव वालों का यही कहना था कि सरकार किसानों की मौतों को लेकर कोई सुध क्यों नहीं ले रही है। कब तक किसान कर्जों के कारण अपनी जान देते रहेंगे।