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सॉस फैक्टरी का फूड सेफ्टी लाइसेंस रद
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 27 May 2015 10:47 PM IST
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सेहत विभाग की ओर से बुधवार को मथुरा कालोनी में एक घर में चलाई जा रही सॉस फैक्टरी में रेड करके वहां तैयार की जा रही सास, शरबत, निंबू पानी, जीरा पानी के सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
फैक्टरी मालिक का सैंपलों की रिपोर्ट आने तक फूड सेफ्टी लाइसेंस रद कर दिया गया है और फैक्टरी में किसी भी किस्म का पदार्थ तैयार करने और बने पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सैंपल फेल पाए जाने पर फैक्टरी मालिक खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला की ओर से जिला सेहत अधिकारी डॉ. राजपाल की अगुवाई अधीन बनाई गई टीम ने बुधवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर मथुरा कालोनी में एक घर में चलाई जा रही फैक्टरी में छापा मारा। टीम में फूड सेफ्टी अफसर गौरव कुमार और अदिति गुप्ता शामिल रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि फैक्टरी में बेहद गंदे हालात में चटनी, शरबत, नींबू पानी, जीरा पानी आदि पदार्थ बनाए जा रहे थे।
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फैक्टरी में अव्वल फूड प्रोडक्ट तहत टमाटर की सॉस, चिली सॉस (हरी व लाल), शरबत, निंबू पानी, जीरा पानी का उत्पादन किया जा रहा था। बनाए गए पदार्थ और कच्चा मीट्रियल ढका हुआ नहीं रखा था। सॉस व अन्य पदार्थ बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों में मक्खियां मरी पड़ी थीं। टीम ने विभिन्न पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
जिला सेहत अफसर डॉ. राजपाल ने बताया कि सैंपलों की रिपोर्ट आने तक फैक्टरी फूड सेफ्टी लाइसेंस रद कर दिया गया है और फैक्टरी में किसी भी किस्म का पदार्थ तैयार करने और बने पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
सीएमओ ने साफ किया कि अगर भरे गए सैंपलों के नतीजे फेल पाए गए, तो संबंधित फैक्टरी मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फैक्टरी मालिक ने कहा कि वह लाइसेंस बनवा कर और सेहत विभाग की सारी शर्तें पूरी करने के बाद फैक्टरी चला रहे थे। पिछले काफी समय से सेहत विभाग का एक मुलाजिम उनसे रिश्वत ले रहा था।
इस रिश्वत को उन्होंने पिछले दो महीनों से देना बंद कर दिया था। इस कारण फैक्टरी में रेड डाली गई है।
इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला ने कहा कि जिस मुलाजिम पर आरोप लगे हैं, वह इस समय पटियाला तैनात नहीं है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी।
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फैक्टरी मालिक का सैंपलों की रिपोर्ट आने तक फूड सेफ्टी लाइसेंस रद कर दिया गया है और फैक्टरी में किसी भी किस्म का पदार्थ तैयार करने और बने पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सैंपल फेल पाए जाने पर फैक्टरी मालिक खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला की ओर से जिला सेहत अधिकारी डॉ. राजपाल की अगुवाई अधीन बनाई गई टीम ने बुधवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर मथुरा कालोनी में एक घर में चलाई जा रही फैक्टरी में छापा मारा। टीम में फूड सेफ्टी अफसर गौरव कुमार और अदिति गुप्ता शामिल रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि फैक्टरी में बेहद गंदे हालात में चटनी, शरबत, नींबू पानी, जीरा पानी आदि पदार्थ बनाए जा रहे थे।
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फैक्टरी में अव्वल फूड प्रोडक्ट तहत टमाटर की सॉस, चिली सॉस (हरी व लाल), शरबत, निंबू पानी, जीरा पानी का उत्पादन किया जा रहा था। बनाए गए पदार्थ और कच्चा मीट्रियल ढका हुआ नहीं रखा था। सॉस व अन्य पदार्थ बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों में मक्खियां मरी पड़ी थीं। टीम ने विभिन्न पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
जिला सेहत अफसर डॉ. राजपाल ने बताया कि सैंपलों की रिपोर्ट आने तक फैक्टरी फूड सेफ्टी लाइसेंस रद कर दिया गया है और फैक्टरी में किसी भी किस्म का पदार्थ तैयार करने और बने पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
सीएमओ ने साफ किया कि अगर भरे गए सैंपलों के नतीजे फेल पाए गए, तो संबंधित फैक्टरी मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फैक्टरी मालिक ने कहा कि वह लाइसेंस बनवा कर और सेहत विभाग की सारी शर्तें पूरी करने के बाद फैक्टरी चला रहे थे। पिछले काफी समय से सेहत विभाग का एक मुलाजिम उनसे रिश्वत ले रहा था।
इस रिश्वत को उन्होंने पिछले दो महीनों से देना बंद कर दिया था। इस कारण फैक्टरी में रेड डाली गई है।
इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला ने कहा कि जिस मुलाजिम पर आरोप लगे हैं, वह इस समय पटियाला तैनात नहीं है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी।