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जिम्मेदारी को मीडिया शिद्दत से निभाए
अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 23 Jan 2014 10:08 PM IST
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के पंजाबी भाषा विकास विभाग की ओर से पंजाबी समाज और
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मीडिया विषय पर आयोजित 30वीं अंतरराष्ट्रीय पंजाबी विकास कान्फ्रेंस वीरवार
को संपन्न हो गई।
समापन समारोह यूनिवर्सिटी के सैनेट हाल में आयोजित किया गया। इस मौके पर वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि मीडिया को देश के सामाजिक, राजनीतिक और लोकतंत्रीय हितों को बचाने के लिए जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज ने मीडिया को चौथा स्तंभ बताकर सम्मानित किया है। इसलिए मीडिया की भी यह जिम्मेदारी बन जाती है कि वह अवाम की ओर से उनको सौंपी इस जिम्मेदारी को पूरी शिद्दत के साथ निभाएं।
वीसी ने जोर देकर कहा कि मीडिया को समूचे भारत की उपलब्धियां आम लोगों तक पहुंचानी चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष या विशेष समुदाय की। वीसी ने कहा कि मीडिया चाहे आजाद हो गया है, लेकिन अभी भी पारदर्शिता लाने की जरूरत है। उन्होंने मीडिया को अपील की कि वह आम लोगों को अपने शब्दों के जाल में न उलझाकर सही भाषा के इस्तेमाल पर जोर दे।
पंजाबी साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. रवेल सिंह ने कहा कि मीडिया के जरिए हम अपने विचार प्रकट कर सकते हैं, ताकि हमारा लोक राज अच्छे तरीके के साथ चल सके। लेकिन दुख की बात यह है कि मीडिया ने इस की तरफ अपना पूरा ध्यान नहीं दिया और सोचने वाली बात यह है कि क्या हम आजादी के साथ अपने विचार प्रकट कर रहे हैं।
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संपादक की भूमिका पर बात करते हुए डा. रवेल सिंह ने कहा कि आज मीडिया मालिक की बात सर्वोत्तम है न कि संपादक की। जाने-माने पंजाबी गायक पद्मश्री हंस राज हंस ने अपने अंदाज में मीडिया को सम्मोहित करने वाली चीज बताते हुए कहा कि अगर हम किसी भी बात को बार-बार दोहराएंगे, तो वह सच मानी जाएगी।
इसी तरह से मीडिया में दोहराए जाते विज्ञापन और विचार आम आदमी की मानसिकता को भी प्रभावित करते हैं। इस मौके पर डॉ. सुच्चा सिंह गिल, अमरजीत ग्रेवाल, डॉ. धर्म सिंह और डॉ. नासिर नकवी मौजूद रहे।
समापन समारोह यूनिवर्सिटी के सैनेट हाल में आयोजित किया गया। इस मौके पर वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि मीडिया को देश के सामाजिक, राजनीतिक और लोकतंत्रीय हितों को बचाने के लिए जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज ने मीडिया को चौथा स्तंभ बताकर सम्मानित किया है। इसलिए मीडिया की भी यह जिम्मेदारी बन जाती है कि वह अवाम की ओर से उनको सौंपी इस जिम्मेदारी को पूरी शिद्दत के साथ निभाएं।
वीसी ने जोर देकर कहा कि मीडिया को समूचे भारत की उपलब्धियां आम लोगों तक पहुंचानी चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष या विशेष समुदाय की। वीसी ने कहा कि मीडिया चाहे आजाद हो गया है, लेकिन अभी भी पारदर्शिता लाने की जरूरत है। उन्होंने मीडिया को अपील की कि वह आम लोगों को अपने शब्दों के जाल में न उलझाकर सही भाषा के इस्तेमाल पर जोर दे।
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पंजाबी साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. रवेल सिंह ने कहा कि मीडिया के जरिए हम अपने विचार प्रकट कर सकते हैं, ताकि हमारा लोक राज अच्छे तरीके के साथ चल सके। लेकिन दुख की बात यह है कि मीडिया ने इस की तरफ अपना पूरा ध्यान नहीं दिया और सोचने वाली बात यह है कि क्या हम आजादी के साथ अपने विचार प्रकट कर रहे हैं।
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संपादक की भूमिका पर बात करते हुए डा. रवेल सिंह ने कहा कि आज मीडिया मालिक की बात सर्वोत्तम है न कि संपादक की। जाने-माने पंजाबी गायक पद्मश्री हंस राज हंस ने अपने अंदाज में मीडिया को सम्मोहित करने वाली चीज बताते हुए कहा कि अगर हम किसी भी बात को बार-बार दोहराएंगे, तो वह सच मानी जाएगी।
इसी तरह से मीडिया में दोहराए जाते विज्ञापन और विचार आम आदमी की मानसिकता को भी प्रभावित करते हैं। इस मौके पर डॉ. सुच्चा सिंह गिल, अमरजीत ग्रेवाल, डॉ. धर्म सिंह और डॉ. नासिर नकवी मौजूद रहे।