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साहित्यिक चोरी रोकने के साधनों का प्रयोग जरूरी: वीसी
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 20 Sep 2016 03:33 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित वर्कशाप में पहुंची शख्सियत को पुस्तकों का सेट देकर सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि आज के युग में इंटरनेट पर काफी सूचना सामग्री उपलब्ध होने के कारण साहित्यिक चोरी एक भयानक समस्या बनती जा रही है। इससे शोध की गुणवत्ता को बहुत नुकसान हो रहा है।
ऐसी सूचना सामग्री आम तौर पर तथ्यों पर आधारित नहीं होती है। इस संबंध मे विभिन्न विश्वविद्यालयों में सफलतापूर्वक काम कर रहे साहित्यिक चोरी रोकने वाले साधनों का इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है। साथ ही कहा शोध निजी दिलचस्पी लेकर किया जाए और केवल इंटरनेट पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए।
वह यूनिवर्सिटी के शिक्षा और समुदाय सेवाएं विभाग की ओर से भाई गुरदास चेयर के सहयोग से शोध कार्य-विधि से संबंधित मुद्दे विषय पर आयोजित वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वीसी ने अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त शिक्षा शास्त्री डा. डीएन सनसनवाल को सम्मान चिन्ह देकर नवाजा।
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डा. सनसनवाल ने इस मौके पर समाजिक खोज और इससे संबधित विभिन्न तथ्यों के महत्व को दर्शाते हुए संकल्पों का जिक्र किया। इससे पहले विभाग की प्रमुख डा. किरनदीप कौर ने आए मेहमानों का स्वागत करते हुए वर्कशाप के विषय के बारे में जानकारी दी। भाई गुरदास चेयर के प्रमुख डा. सरबजिंदर सिंह ने आए मेहमानों का धन्यवाद व्यक्त किया।
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ऐसी सूचना सामग्री आम तौर पर तथ्यों पर आधारित नहीं होती है। इस संबंध मे विभिन्न विश्वविद्यालयों में सफलतापूर्वक काम कर रहे साहित्यिक चोरी रोकने वाले साधनों का इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है। साथ ही कहा शोध निजी दिलचस्पी लेकर किया जाए और केवल इंटरनेट पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए।
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वह यूनिवर्सिटी के शिक्षा और समुदाय सेवाएं विभाग की ओर से भाई गुरदास चेयर के सहयोग से शोध कार्य-विधि से संबंधित मुद्दे विषय पर आयोजित वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वीसी ने अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त शिक्षा शास्त्री डा. डीएन सनसनवाल को सम्मान चिन्ह देकर नवाजा।
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डा. सनसनवाल ने इस मौके पर समाजिक खोज और इससे संबधित विभिन्न तथ्यों के महत्व को दर्शाते हुए संकल्पों का जिक्र किया। इससे पहले विभाग की प्रमुख डा. किरनदीप कौर ने आए मेहमानों का स्वागत करते हुए वर्कशाप के विषय के बारे में जानकारी दी। भाई गुरदास चेयर के प्रमुख डा. सरबजिंदर सिंह ने आए मेहमानों का धन्यवाद व्यक्त किया।