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रबाब वादन और शास्त्रीय संगीत के गायन से महकी कैंपस की फिजा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 22 Mar 2016 03:59 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित आठवें रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन में प्रोफेसर गुरप्रताप सिंह गिल पंजाब संगीत रतन अवार्ड से सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाबी यूनिवर्सिटी की गुरमत संगीत चेयर की ओर से सोमवार को आठवें रबाबी भाई मरदाना शास्त्रीय संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मुख्य मेहमान उत्तर क्षेत्रीय सभ्याचारक केंद्र के डायरेक्टर डा. राजिंदर सिंह गिल रहे। पहले दिन का आगाज रबाब वादन से हुआ। इसमें दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब के रबाब वादक और गुरमत संगीत विभाग के स्टूडेंट रहे कमलजीत सिंह व हरप्रीत सिंह ने राग सारंग में विलंबित, मध्य लय और झाला बजाया। इसके बाद उन्होंने गुरमत संगीत की विभिन्न धुनों का वादन किया। उनके साथ तबले पर संगत गुरचेतन सिंह ने की।
इनके बाद मुंबई से आई जयपुर अतरौली घराने की शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोमकर की शार्गिद जूही पांडा ने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल ओ ख्वाजा दीन और दुखियन को देत पलक में से की। इनके साथ तबले पर संगत जैदेव और हारमोनियम पर अली अकबर ने की। इनके बाद प्रसिद्ध बांसुरी वादक उस्ताद मुजतबा हुसैन ने गुरमत संगीत के राग तुखारी में बांसुरी वादन किया। इनके साथ तबले पर संगत मधुरेश भट्ट और पखावज पर अरुण कुमार झा ने की।
वीसी डा. जसपाल सिंह की ओर से भास्कर राओ घराने के शास्त्रीय संगीतकार प्रोफेसर गुरप्रताप सिंह गिल को पंजाब संगीत रतन अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। चेयर के प्रमुख डा. गुरनाम सिंह ने बताया कि 2008 से शुरू हुए इस सम्मेलन में अब तक अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भाग ले चुके हैं।
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इस मौके पर मुख्य मेहमान उत्तर क्षेत्रीय सभ्याचारक केंद्र के डायरेक्टर डा. राजिंदर सिंह गिल रहे। पहले दिन का आगाज रबाब वादन से हुआ। इसमें दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब के रबाब वादक और गुरमत संगीत विभाग के स्टूडेंट रहे कमलजीत सिंह व हरप्रीत सिंह ने राग सारंग में विलंबित, मध्य लय और झाला बजाया। इसके बाद उन्होंने गुरमत संगीत की विभिन्न धुनों का वादन किया। उनके साथ तबले पर संगत गुरचेतन सिंह ने की।
इनके बाद मुंबई से आई जयपुर अतरौली घराने की शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोमकर की शार्गिद जूही पांडा ने राग शुद्ध सारंग में विलंबित ख्याल ओ ख्वाजा दीन और दुखियन को देत पलक में से की। इनके साथ तबले पर संगत जैदेव और हारमोनियम पर अली अकबर ने की। इनके बाद प्रसिद्ध बांसुरी वादक उस्ताद मुजतबा हुसैन ने गुरमत संगीत के राग तुखारी में बांसुरी वादन किया। इनके साथ तबले पर संगत मधुरेश भट्ट और पखावज पर अरुण कुमार झा ने की।
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वीसी डा. जसपाल सिंह की ओर से भास्कर राओ घराने के शास्त्रीय संगीतकार प्रोफेसर गुरप्रताप सिंह गिल को पंजाब संगीत रतन अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। चेयर के प्रमुख डा. गुरनाम सिंह ने बताया कि 2008 से शुरू हुए इस सम्मेलन में अब तक अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भाग ले चुके हैं।
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