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नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो/अमर उजाला, रोपड़
Updated Thu, 17 Dec 2015 10:26 PM IST
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सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार व सिंहों की
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शहीदियों को समर्पित 14 दिसंबर से शुरू हुआ शहीदी जोड़ मेल गुरुद्वारा
परिवार बिछोड़ा साहिब के बाद रोपड़ के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री भट्ठा
साहिब में शुरू हो गया।
वीरवार को पहले दिन पंज प्यारों की अगुवाई और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में गुरुद्वारा गुरू गढ़ साहिब सदाबरत से नगर कीर्तन सजाया गया। यह नगर कीर्तन शहर के विभिन्न नगरों से होता हुआ दोपहर बाद गुरुद्वारा भट्ठा साहिब में संपन्न हुआ। इसमें इलाके की संगत ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान निहंग सिंहों के पहरावे में सजे युवकों ने गतके के जौहर दिखाए।
ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार रागी जत्थों और स्त्री सत्संग सभा के जत्थों ने संगतों को गुरुवाणी का श्रवण करवाया। रास्ते में संगतों की सुविधा के लिए लंगर के विशेष प्रबंध किए गए थे। नगर कीर्तन जब गुरुद्वारा भट्ठा साहिब पहुंचा तो संगत ने बोले सो निहाल के जयकारे लगाते हुए पालकी साहिब पर फूलों से वर्षा की। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब के कथावाचक भाई पवित्र सिंह ने अरदास की और एसजीपीसी के सदस्य परमजीत सिंह लखेवाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित करने के लिए लेकर गए। मौके पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ साहिब भी शुरू करवाए गए।
गुरुद्वारा भट्ठा साहिब के मैनेजर जसवीर सिंह ने बताया कि तीन दिन तक सजाए जाने वाले इस शहीदी समारोह के लिए एसजीपीसी की ओर से सभी प्रबंध किया गए हैं। यहां आने वाली संगत के लिए रिहाइश और लंगरों के विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रबंध पर ध्यान रखने के लिए एसजीपीसी की ओर से इंस्पेक्टरों की एक टीम भी भेजी गई है। जसवीर सिंह ने कहा कि यहां आने वाली संगत को किसी किस्म की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
यहां चार बार आए थे श्री गुरु गोविंद सिंह
श्री गुरु गोंविंद सिंह जी रोपड़ के इस पावन स्थान गुरुद्वारा भट्ठा साहिब पर चार बार आए। परिवार बिछोड़ा में गुरु साहिब जी का परिवार बिछड़ने के बाद गुरु साहिब जी दोनों बड़े साहिबजादों और 40 सिंहों समेत चमकौर साहिब जाते हुए इस स्थान पर रुके थे। यहां पर निहंग खां का परिवार गुरु साहिब का सेवक था। निहंग खां ने गुरु साहिब जी का मुसीबत की घड़ी में साथ दिया था।
वीरवार को पहले दिन पंज प्यारों की अगुवाई और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में गुरुद्वारा गुरू गढ़ साहिब सदाबरत से नगर कीर्तन सजाया गया। यह नगर कीर्तन शहर के विभिन्न नगरों से होता हुआ दोपहर बाद गुरुद्वारा भट्ठा साहिब में संपन्न हुआ। इसमें इलाके की संगत ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान निहंग सिंहों के पहरावे में सजे युवकों ने गतके के जौहर दिखाए।
ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार रागी जत्थों और स्त्री सत्संग सभा के जत्थों ने संगतों को गुरुवाणी का श्रवण करवाया। रास्ते में संगतों की सुविधा के लिए लंगर के विशेष प्रबंध किए गए थे। नगर कीर्तन जब गुरुद्वारा भट्ठा साहिब पहुंचा तो संगत ने बोले सो निहाल के जयकारे लगाते हुए पालकी साहिब पर फूलों से वर्षा की। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब के कथावाचक भाई पवित्र सिंह ने अरदास की और एसजीपीसी के सदस्य परमजीत सिंह लखेवाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित करने के लिए लेकर गए। मौके पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ साहिब भी शुरू करवाए गए।
गुरुद्वारा भट्ठा साहिब के मैनेजर जसवीर सिंह ने बताया कि तीन दिन तक सजाए जाने वाले इस शहीदी समारोह के लिए एसजीपीसी की ओर से सभी प्रबंध किया गए हैं। यहां आने वाली संगत के लिए रिहाइश और लंगरों के विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रबंध पर ध्यान रखने के लिए एसजीपीसी की ओर से इंस्पेक्टरों की एक टीम भी भेजी गई है। जसवीर सिंह ने कहा कि यहां आने वाली संगत को किसी किस्म की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
यहां चार बार आए थे श्री गुरु गोविंद सिंह
श्री गुरु गोंविंद सिंह जी रोपड़ के इस पावन स्थान गुरुद्वारा भट्ठा साहिब पर चार बार आए। परिवार बिछोड़ा में गुरु साहिब जी का परिवार बिछड़ने के बाद गुरु साहिब जी दोनों बड़े साहिबजादों और 40 सिंहों समेत चमकौर साहिब जाते हुए इस स्थान पर रुके थे। यहां पर निहंग खां का परिवार गुरु साहिब का सेवक था। निहंग खां ने गुरु साहिब जी का मुसीबत की घड़ी में साथ दिया था।