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पूरे पंजाब में पीआरटीसी की नहीं चलीं चार सौ बसें
अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 08 Jan 2014 10:57 PM IST
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तय कार्यक्रम के मुताबिक पीआरटीसी के सैकड़ों की गिनती में ठेका मुलाजिम रेगुलर करने की मांग को लेकर बुधवार से तीन दिनों के लिए हड़ताल पर चले गए। इससे पूरे पंजाब में पीआरटीसी की बस सेवा काफी हद तक प्रभावित रही और इसके कारण सवारियों को ठंड के इस मौसम मेंकाफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पीआरटीसी वर्कर यूनियन आजाद संबंधित लोक लहर (दूसरी आजादी के लिए) के बैनर तले कारपोरेशन के करीब 2500 ठेका मुलाजिम पूरे पंजाब में बुधवार से तीन दिनों की हड़ताल पर चले गए।
इस मौके पर बड़ी गिनती में ठेका मुलाजिमों ने पटियाला के बस स्टैंड में पूरा दिन रोष प्रदर्शन किया और जमकर सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। ठेका मुलाजिमों के नेता बब्बू शर्मा, भिंदर सिंह, गुरध्यान सिंह, जानपाल, गुरदीप सिंह आदि ने बताया कि सभी मुलाजिम 10-12 सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा है। ऊपर से ठेका मुलाजिमों की सैलरियों से हर महीने लाखों की नाजायज कटौतियां की जा रही हैं।
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यह कटौतियां ठेकेदार व जीएम आपस में बांट रहे हैं। प्रदेश प्रधान जसमेर सिंह ने मांग की कि प्रदेश सरकार की ओर से पंजाब रोडवेज में कच्चे वर्करों की तनख्वाह फिक्स कर दी गई है। उनकी तनख्वाहें भी फिक्स की जाएं। साथ ही पीआरटीसी के रेगुलर व ठेका मुलाजिमों से ड्यूटी आठ घंटे से ज्यादा न ली जाए। नाजायज कटौतियां बंद की जाएं। सभी मुलाजिमों को वर्दियां दी जाएं। डिपुओं के भ्रष्ट जनरल मैनेजरों की इंकवायरी की जाए।
टैक्सी चालकों की चांदी
पीआरटीसी के ठेका मुलाजिमों की इस हड़ताल से कड़ाके की ठंड के इस मौसम में सवारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर काफी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। सवारियां बसों के लिए परेशान दिखाई दीं। सवारियों को प्राइवेट बसों व टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। जिन रूटों पर प्राइवेट बसें नहीं जा रही थीं, उन रूटों पर जाने के लिए टैक्सी मालिकों ने सवारियों से काफी पैसे लिए।
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पीआरटीसी वर्कर यूनियन आजाद संबंधित लोक लहर (दूसरी आजादी के लिए) के बैनर तले कारपोरेशन के करीब 2500 ठेका मुलाजिम पूरे पंजाब में बुधवार से तीन दिनों की हड़ताल पर चले गए।
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इस मौके पर बड़ी गिनती में ठेका मुलाजिमों ने पटियाला के बस स्टैंड में पूरा दिन रोष प्रदर्शन किया और जमकर सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। ठेका मुलाजिमों के नेता बब्बू शर्मा, भिंदर सिंह, गुरध्यान सिंह, जानपाल, गुरदीप सिंह आदि ने बताया कि सभी मुलाजिम 10-12 सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा है। ऊपर से ठेका मुलाजिमों की सैलरियों से हर महीने लाखों की नाजायज कटौतियां की जा रही हैं।
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यह कटौतियां ठेकेदार व जीएम आपस में बांट रहे हैं। प्रदेश प्रधान जसमेर सिंह ने मांग की कि प्रदेश सरकार की ओर से पंजाब रोडवेज में कच्चे वर्करों की तनख्वाह फिक्स कर दी गई है। उनकी तनख्वाहें भी फिक्स की जाएं। साथ ही पीआरटीसी के रेगुलर व ठेका मुलाजिमों से ड्यूटी आठ घंटे से ज्यादा न ली जाए। नाजायज कटौतियां बंद की जाएं। सभी मुलाजिमों को वर्दियां दी जाएं। डिपुओं के भ्रष्ट जनरल मैनेजरों की इंकवायरी की जाए।
टैक्सी चालकों की चांदी
पीआरटीसी के ठेका मुलाजिमों की इस हड़ताल से कड़ाके की ठंड के इस मौसम में सवारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर काफी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। सवारियां बसों के लिए परेशान दिखाई दीं। सवारियों को प्राइवेट बसों व टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। जिन रूटों पर प्राइवेट बसें नहीं जा रही थीं, उन रूटों पर जाने के लिए टैक्सी मालिकों ने सवारियों से काफी पैसे लिए।