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मोती महल के बाहर मिड डे मील वर्करों ने प्रदर्शन किया
अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 11 Jan 2014 10:27 PM IST
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डेमोक्रेटिक मिड डे मील कुक फ्रंट पंजाब के आह्वान पर शनिवार को पटियाला व संगरूर जिलों की बड़ी संख्या में मिड डे मील वर्करों ने गुरुद्वारा सिंह सभा नजदीक सेवा सिंह ठीकरीवाला चौक में इकट्ठा होकर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर के आवास स्थान मोती महल की तरफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। वहां जाकर धरना भी दिया इस मौके पर स्कूलों में काम करने वाली मिड डे मील वर्करों की सेवाओं को मिनिमम वेज कानून के अधीन लाने की मांग की गई।
फ्रंट की प्रदेश प्रधान हरजिंदर कौर लोपे, महासचिव मनदीप कौर, जिला पटियाला की प्रधान सुखजीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिड डे मील वर्करों को केवल 750 रुपये महीने की तनख्वाह साल में केवल 10 महीने ही दी जाती है। उधर, पंजाब सरकार की ओर से वर्करों की तनख्वाह में 450 रुपये महीना डालकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। मिनिमम वेज कानून के अनुसार बनते समय के तहत उनसे काम पूरा समय लिया जा रहा है।
इस तरह से दोनों सरकारें मिलकर मिड डे मील कुक बीबियों के साथ बेइंसाफी कर रही हैं। इसका वर्करों की ओर से करार जवाब दिया जाएगा। जल्द ही अगर सरकार ने मिड डे मील वर्करों की सुध न ली, तो आने वाले लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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इस मौके पर ठेकेदारी प्रबंध वापस लेेने, वर्करों का दो लाख तक का बीमा मुफ्त करने, जबरन स्कूलों से निकाली वर्करों को दोबारा स्कूलों में रखा जाए, इनकी तनख्वाह ब्लाक स्तर पर ही सीधे खातों में डाली जाए, एक स्कूल से दूसरे स्कूल में तबादला करने का नियम बनाने की मांग की गई।
पीए ने दिया बैठक का आश्वासन
गुरुद्वारा सिंह सभा से दोपहर करीब साढे़ 12 बजे रोष प्रदर्शन करते हुए जब बड़ी संख्या में मिड डे मील वर्कर मोती महल की तरफ जाने लगे, तो पुलिस ने मोती महल से कुछ पहले अवरोधक लगाकर इन्हें रोकने की कोशिश की। मिड डे मील वर्कर न मानीं और इन्होंने मोती महल के बाहर धरना दिया। बाद में परनीत कौर के पीए गुरमेल सिंह ने बाहर आकर वर्करों का मांग पत्र लिया और विश्वास दिलाया कि रविवार सुबह परनीत कौर से मिड डे मील वर्करों के शिष्टमंडल से बैठक करा दी जाएगी।
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फ्रंट की प्रदेश प्रधान हरजिंदर कौर लोपे, महासचिव मनदीप कौर, जिला पटियाला की प्रधान सुखजीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिड डे मील वर्करों को केवल 750 रुपये महीने की तनख्वाह साल में केवल 10 महीने ही दी जाती है। उधर, पंजाब सरकार की ओर से वर्करों की तनख्वाह में 450 रुपये महीना डालकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। मिनिमम वेज कानून के अनुसार बनते समय के तहत उनसे काम पूरा समय लिया जा रहा है।
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इस तरह से दोनों सरकारें मिलकर मिड डे मील कुक बीबियों के साथ बेइंसाफी कर रही हैं। इसका वर्करों की ओर से करार जवाब दिया जाएगा। जल्द ही अगर सरकार ने मिड डे मील वर्करों की सुध न ली, तो आने वाले लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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इस मौके पर ठेकेदारी प्रबंध वापस लेेने, वर्करों का दो लाख तक का बीमा मुफ्त करने, जबरन स्कूलों से निकाली वर्करों को दोबारा स्कूलों में रखा जाए, इनकी तनख्वाह ब्लाक स्तर पर ही सीधे खातों में डाली जाए, एक स्कूल से दूसरे स्कूल में तबादला करने का नियम बनाने की मांग की गई।
पीए ने दिया बैठक का आश्वासन
गुरुद्वारा सिंह सभा से दोपहर करीब साढे़ 12 बजे रोष प्रदर्शन करते हुए जब बड़ी संख्या में मिड डे मील वर्कर मोती महल की तरफ जाने लगे, तो पुलिस ने मोती महल से कुछ पहले अवरोधक लगाकर इन्हें रोकने की कोशिश की। मिड डे मील वर्कर न मानीं और इन्होंने मोती महल के बाहर धरना दिया। बाद में परनीत कौर के पीए गुरमेल सिंह ने बाहर आकर वर्करों का मांग पत्र लिया और विश्वास दिलाया कि रविवार सुबह परनीत कौर से मिड डे मील वर्करों के शिष्टमंडल से बैठक करा दी जाएगी।