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पावरकाम ने फिर बंद किए थर्मल प्लांटों के यूनिट
अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 23 May 2014 10:46 PM IST
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पंजाब में गंभीर बिजली संकट के बावजूद पावरकाम ने शुक्रवार को एक बार फिर से अपने थर्मल प्लांटों के दो यूनिटों को बंद कर दिया, जबकि एक खराब यूनिट जो ठीक हो गया था, उसे चलाने से मना कर दिया।
दूसरी तरफ पावरकाम शार्ट टर्म समझौतों के तहत महंगे दामों पर बाहर से बिजली खरीद रहा है। यह सब कोयले को आने वाले पैडी सीजन के लिए बचाने के लिए किया जा रहा है।
गरमी के तेवर तीखे होते ही बिजली की मांग बढ़ रही है। शुक्रवार को बिजली की डिमांड 1337 लाख यूनिट से ज्यादा दर्ज की गई। बिजली की इस बढ़ती मांग को पावरकाम की ओर से शार्ट टर्म समझौतों के तहत बाहर से महंगे दामों पर बिजली खरीद कर पूरा करने की कोशिशें की जा रही हैं जबकि पावरकाम अपने यूनिट बंद कर रहा है।
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पावरकाम ने कटों के कारण लोगों में मच रही हाय तौबा से घबरा कर अपने तीनों थर्मल प्लांटों के सभी यूनिट चालू कर दिए थे। हालांकि जैसे ही शुक्रवार से पावरकाम ने शार्ट टर्म समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के करचम वांगटू हाइडल प्रोजेक्ट से बिजली खरीदना शुरू किया वैसे ही पावरकाम ने अपने लहरां मोहब्बत थर्मल प्लांट के 210 मेगावाट के एक यूनिट को शाम करीब साढ़े चार बजे और बठिंडा थर्मल प्लांट के 110 मेगावाट के एक यूनिट को शाम पांच बजे बंद करा दिया।
तर्क यह दिया कि कोयले को बचाना है, क्योंकि पैडी सीजन शुरू होने वाला है। वहीं पावरकाम ने रोपड़ थर्मल प्लांट के उस यूनिट को भी चलाने से मना कर दिया, जो ब्वायलर ट्यूब में लीकेज के चलते खराब हो गया था। यह यूनिट वीरवार शाम ही ठीक हो गया था।
जल्द ही पावरकाम अपने प्लांटों के और यूनिट भी बंद करेगा, जैसे ही राजपुरा स्थित प्राइवेट प्लांट जनरेशन शुरू कर देगा। इस प्लांट के शनिवार से जनरेशन शुरू करने की संभावना है।
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दूसरी तरफ पावरकाम शार्ट टर्म समझौतों के तहत महंगे दामों पर बाहर से बिजली खरीद रहा है। यह सब कोयले को आने वाले पैडी सीजन के लिए बचाने के लिए किया जा रहा है।
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गरमी के तेवर तीखे होते ही बिजली की मांग बढ़ रही है। शुक्रवार को बिजली की डिमांड 1337 लाख यूनिट से ज्यादा दर्ज की गई। बिजली की इस बढ़ती मांग को पावरकाम की ओर से शार्ट टर्म समझौतों के तहत बाहर से महंगे दामों पर बिजली खरीद कर पूरा करने की कोशिशें की जा रही हैं जबकि पावरकाम अपने यूनिट बंद कर रहा है।
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पावरकाम ने कटों के कारण लोगों में मच रही हाय तौबा से घबरा कर अपने तीनों थर्मल प्लांटों के सभी यूनिट चालू कर दिए थे। हालांकि जैसे ही शुक्रवार से पावरकाम ने शार्ट टर्म समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के करचम वांगटू हाइडल प्रोजेक्ट से बिजली खरीदना शुरू किया वैसे ही पावरकाम ने अपने लहरां मोहब्बत थर्मल प्लांट के 210 मेगावाट के एक यूनिट को शाम करीब साढ़े चार बजे और बठिंडा थर्मल प्लांट के 110 मेगावाट के एक यूनिट को शाम पांच बजे बंद करा दिया।
तर्क यह दिया कि कोयले को बचाना है, क्योंकि पैडी सीजन शुरू होने वाला है। वहीं पावरकाम ने रोपड़ थर्मल प्लांट के उस यूनिट को भी चलाने से मना कर दिया, जो ब्वायलर ट्यूब में लीकेज के चलते खराब हो गया था। यह यूनिट वीरवार शाम ही ठीक हो गया था।
जल्द ही पावरकाम अपने प्लांटों के और यूनिट भी बंद करेगा, जैसे ही राजपुरा स्थित प्राइवेट प्लांट जनरेशन शुरू कर देगा। इस प्लांट के शनिवार से जनरेशन शुरू करने की संभावना है।