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पराली के धुएं से बिगड़ी पंजाब की हवा: तीन शहरों में एक्यूआई 200 पार, तरनतारन में सबसे ज्यादा मामले
Wed, 04 Nov 2026 07:47 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: Nivedita
Updated Wed, 04 Nov 2026 07:47 AM IST
सार
दो नवंबर को प्रदेश में पराली जलाने की 98 सक्रिय घटनाएं दर्ज हुईं। पिछले साल इसी दिन 178 और 2024 में 379 घटनाएं सामने आई थीं। कुल घटनाओं में कमी के बावजूद तरनतारन और सीमावर्ती जिलों में पराली जलाना चुनौती बना हुआ है।
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खेत में पराली जलते
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाओं ने पंजाब की हवा बिगाड़नी शुरू कर दी है। प्रदेश के तीन शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच गया है।
मंगलवार को खन्ना 293 एक्यूआई के साथ प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। लुधियाना में एक्यूआई 212 और पटियाला में 208 दर्ज किया गया। तीनों शहरों की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। मंडी गोबिंदगढ़ में एक्यूआई 151, जालंधर में 147 और अमृतसर में 116 दर्ज किया गया। ये सभी शहर येलो जोन में हैं।
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पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। 15 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में 1,612 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, पिछले दो वर्षों की इसी अवधि के मुकाबले इस बार घटनाएं कम हैं। वर्ष 2025 में इस अवधि में 2,262 और 2024 में 3,916 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
जिलेवार आंकड़ों में तरनतारन सबसे आगे है। यहां पराली जलाने की 489 सक्रिय घटनाएं दर्ज की गईं। फिरोजपुर में 193, अमृतसर में 192 और गुरदासपुर में 100 घटनाएं सामने आईं। संगरूर में 76, पटियाला में 54 और लुधियाना में 33 घटनाएं दर्ज की गईं।
दो नवंबर को प्रदेश में पराली जलाने की 98 सक्रिय घटनाएं दर्ज हुईं। पिछले साल इसी दिन 178 और 2024 में 379 घटनाएं सामने आई थीं। कुल घटनाओं में कमी के बावजूद तरनतारन और सीमावर्ती जिलों में पराली जलाना चुनौती बना हुआ है।
तीन शहरों में हवा खराब श्रेणी में
शहर एक्यूआई श्रेणी
खन्ना 293 खराब
लुधियाना 212 खराब
पटियाला 208 खराब
मंडी गोबिंदगढ़ 151 येलो जोन
जालंधर 147 येलो जोन
अमृतसर 116 येलो जोन
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मंगलवार को खन्ना 293 एक्यूआई के साथ प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। लुधियाना में एक्यूआई 212 और पटियाला में 208 दर्ज किया गया। तीनों शहरों की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
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प्रदेश के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। मंडी गोबिंदगढ़ में एक्यूआई 151, जालंधर में 147 और अमृतसर में 116 दर्ज किया गया। ये सभी शहर येलो जोन में हैं।
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पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। 15 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में 1,612 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, पिछले दो वर्षों की इसी अवधि के मुकाबले इस बार घटनाएं कम हैं। वर्ष 2025 में इस अवधि में 2,262 और 2024 में 3,916 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
जिलेवार आंकड़ों में तरनतारन सबसे आगे है। यहां पराली जलाने की 489 सक्रिय घटनाएं दर्ज की गईं। फिरोजपुर में 193, अमृतसर में 192 और गुरदासपुर में 100 घटनाएं सामने आईं। संगरूर में 76, पटियाला में 54 और लुधियाना में 33 घटनाएं दर्ज की गईं।
दो नवंबर को प्रदेश में पराली जलाने की 98 सक्रिय घटनाएं दर्ज हुईं। पिछले साल इसी दिन 178 और 2024 में 379 घटनाएं सामने आई थीं। कुल घटनाओं में कमी के बावजूद तरनतारन और सीमावर्ती जिलों में पराली जलाना चुनौती बना हुआ है।
तीन शहरों में हवा खराब श्रेणी में
शहर एक्यूआई श्रेणी
खन्ना 293 खराब
लुधियाना 212 खराब
पटियाला 208 खराब
मंडी गोबिंदगढ़ 151 येलो जोन
जालंधर 147 येलो जोन
अमृतसर 116 येलो जोन