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सरकार के खिलाफ मुलाजिमों का जोरदार धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:35 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : file
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द क्लास फोर्थ गर्वनमेंट इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर विभिन्न सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों के दर्जा चार मुलाजिमों की ओर से शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल वीरवार को चौथे दिन में दाखिल हो गई।
इस मौके पर मुलाजिमों ने मिनी सचिवालय में सरकार के खिलाफ जोरदार धरना भी दिया।इस मौके पर केंद्रीय सातवें वेतन आयोग की ओर से चौथा दर्जा कर्मचारियों का ओहदा खत्म करने की सिफारिश करने, तनख्वाह भत्तों की सिफारिश न करने का विरोध किया। साथ ही मुलाजिमों की कई जायज मांगें भी उठाई गईं। मुलाजिमों ने केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रधान दर्शन सिंह लुबाना, महासचिव मोहन सिंह नेगी ने कहा कि मुलाजिमों व वर्किंग क्लास को केंद्रीय बजट व पंजाब के बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सरमायेदारों के पक्ष वाले बजट को पेश किया गया है। इस मौके पर मजदूरों के मिनीमम वेज में बढ़ोतरी करने, आउट सोर्सिंग सिस्टम तहत वर्करों की हो रही लूट बंद करने, पब्लिक सेक्टर का निजीकरण रोकने, बेरोजगारी की समस्या के खात्मे के लिए विभागों में नई भर्ती रेगुलर आधार पर करने की मांग की गई।
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साथ ही दिहाड़ीदार, वर्कचार्ज, पार्ट टाइम और ठेकेदारी प्रथा तहत लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने, कर्मचारियों के 23 महीने के डीए का बकाया देने की मांग भी की गई। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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इस मौके पर मुलाजिमों ने मिनी सचिवालय में सरकार के खिलाफ जोरदार धरना भी दिया।इस मौके पर केंद्रीय सातवें वेतन आयोग की ओर से चौथा दर्जा कर्मचारियों का ओहदा खत्म करने की सिफारिश करने, तनख्वाह भत्तों की सिफारिश न करने का विरोध किया। साथ ही मुलाजिमों की कई जायज मांगें भी उठाई गईं। मुलाजिमों ने केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रधान दर्शन सिंह लुबाना, महासचिव मोहन सिंह नेगी ने कहा कि मुलाजिमों व वर्किंग क्लास को केंद्रीय बजट व पंजाब के बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सरमायेदारों के पक्ष वाले बजट को पेश किया गया है। इस मौके पर मजदूरों के मिनीमम वेज में बढ़ोतरी करने, आउट सोर्सिंग सिस्टम तहत वर्करों की हो रही लूट बंद करने, पब्लिक सेक्टर का निजीकरण रोकने, बेरोजगारी की समस्या के खात्मे के लिए विभागों में नई भर्ती रेगुलर आधार पर करने की मांग की गई।
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साथ ही दिहाड़ीदार, वर्कचार्ज, पार्ट टाइम और ठेकेदारी प्रथा तहत लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने, कर्मचारियों के 23 महीने के डीए का बकाया देने की मांग भी की गई। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।