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पीयू किताब घर का नाम होगा डॉ. दलीप कौर टिवाना किताब घर
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रविवार को पटियाला में जानी-मानी साहित्यकार डा. दलीप कौर टिवाना की अंतिम अरदास मौके उन्हें श्रद्ध?
- फोटो : PATIALA
जानी-मानी साहित्यकार डॉ. दलीप कौर टिवाना की अंतिम अरदास के मौके पर रविवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी में स्थित गुरुद्वारा साहिब में साहित्य, राजनीति की नामवर शख्सियतों ने भावभीनी श्रद्धांजलि भेंट की। इस मौके पर वीसी डॉ. बीएस घुम्मन ने डॉ. टिवाना की ओर से किए गए साहित्यिक कामों को सदैव याद रखने के लिए यूनिवर्सिटी के किताब घर का नाम बदल कर डॉ. दलीप कौर टिवाना किताब घर रखने का ऐलान किया। वीसी ने कहा कि इसके साथ ही उनको समर्पित एक यादगारी भाषण लड़ी भी शुरू की जाएगी, जिसमें दुनिया भर की जानी-मानी शख्सियतों को अपने विचार यूनिवर्सिटी के मंच पर सांझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
वीसी ने कहा कि डॉ. टिवाना के काम पर लिखे गए 25 अलग-अलग पीएचडी थीसिज को इकट्ठा करके एक महान खोज भरपूर थीसिज तैयार कराई जाएगी। इसी तरह उनकी ओर से रची गई विभिन्न वानगियों को यूनिवर्सिटी की ओर से दोबारा छापा जाएगा, ताकि उनकी ओर से किया गया काम हर पंजाबी तक पहुंचाया जा सके। वीसी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के पास डॉ. टिवाना के जीवन से संबंधित निजी वस्तुओं का बहुमूल्य खजाना मौजूद है, जिसको संभालने के लिए यूनिवर्सिटी की मुख्य लाइब्रेरी में एक अलग सेक्शन स्थापित किया जाएगा। इसी उद्देश्य के साथ ही उनके जीवन और किए गए काम पर आधारित स्मृति ग्रंथ भी तैयार कराया जाएगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभाग की ओर से 12 फरवरी से कराए जा रहे दो दिवसीय राष्ट्र स्तर के सेमिनार को भी डॉ. टिवाना व साहित्यकार जसवंत सिंह कंवल को समर्पित किया जाएगा। इसके अलावा डॉ. टिवाना के नाम पर पंजाबी विभाग में एमए पंजाबी के स्टूडेंट्स के लिए वजीफा और यूनिवर्सिटी स्तर पर और बहुत सारे प्रोग्राम कराए जाएंगे।
पंजाब कला परिषद के प्रधान जाने-माने साहित्यकार डॉ. सुरजीत पातर ने कहा कि उनकी साहित्यिक रचनाएं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी। विधायक हरदियाल सिंह कंबोज ने कहा कि डॉ. टिवाना की साहित्यिक रचनाएं पंजाबी साहित्य को बड़ी देन है।
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वीसी ने कहा कि डॉ. टिवाना के काम पर लिखे गए 25 अलग-अलग पीएचडी थीसिज को इकट्ठा करके एक महान खोज भरपूर थीसिज तैयार कराई जाएगी। इसी तरह उनकी ओर से रची गई विभिन्न वानगियों को यूनिवर्सिटी की ओर से दोबारा छापा जाएगा, ताकि उनकी ओर से किया गया काम हर पंजाबी तक पहुंचाया जा सके। वीसी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के पास डॉ. टिवाना के जीवन से संबंधित निजी वस्तुओं का बहुमूल्य खजाना मौजूद है, जिसको संभालने के लिए यूनिवर्सिटी की मुख्य लाइब्रेरी में एक अलग सेक्शन स्थापित किया जाएगा। इसी उद्देश्य के साथ ही उनके जीवन और किए गए काम पर आधारित स्मृति ग्रंथ भी तैयार कराया जाएगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभाग की ओर से 12 फरवरी से कराए जा रहे दो दिवसीय राष्ट्र स्तर के सेमिनार को भी डॉ. टिवाना व साहित्यकार जसवंत सिंह कंवल को समर्पित किया जाएगा। इसके अलावा डॉ. टिवाना के नाम पर पंजाबी विभाग में एमए पंजाबी के स्टूडेंट्स के लिए वजीफा और यूनिवर्सिटी स्तर पर और बहुत सारे प्रोग्राम कराए जाएंगे।
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पंजाब कला परिषद के प्रधान जाने-माने साहित्यकार डॉ. सुरजीत पातर ने कहा कि उनकी साहित्यिक रचनाएं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी। विधायक हरदियाल सिंह कंबोज ने कहा कि डॉ. टिवाना की साहित्यिक रचनाएं पंजाबी साहित्य को बड़ी देन है।
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