{"_id":"575540bb4f1c1b191d9c523a","slug":"paddy-sowing-eight-hours-power-supply-finance-minister-sangrur","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान बिजाई के दौरान खेतों में आठ घंटे बिजली सप्लाई होगी : ढींढसा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान बिजाई के दौरान खेतों में आठ घंटे बिजली सप्लाई होगी : ढींढसा
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Mon, 06 Jun 2016 02:52 PM IST
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किसान
- फोटो : डेमो फोटो
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किसानों को धान की बिजाई के लिए बिजली की चिंता करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने खेतों को आठ घंटे बिजली सप्लाई देने के प्रबंध कर लिए हैं। यह विचार पंजाब के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने सरकारी स्कूल में नया बाक्सिंग रिंग और वेट लिफ्टिंग विंग के स्थापना समागम में शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश पर पावरकॉम की ओर से बिजली कंपनियों से बिजली खरीद की अनुबंध प्रक्रिया संपन्न कर ली गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि धान के एमएसपी में 60 रुपये की बढोत्तरी कम है क्योंकि महंगाई दर 6 या 7 फीसदी के बीच है। ऐसे में एमएसपी कम से कम दस फीसदी बढ़ना चाहिए। अकाली दल ने केंद्र से लिखित तौर पर मांग की है कि धान का एमएसपी कम से कम 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जाए। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में किसानों को फसली कर्ज देने की घोषणा को जल्द अमली रूप दिया जाएगा जिससे किसानों को भारी राहत मिलेगी।
इसके अलावा केंद्र से भी मांग की गई है कि उद्योगों की तर्ज पर किसानी को भी वन टाइम सेटलमेंट योजना के दायरे में लाया जाए और बिना ब्याज के कर्ज देने का प्रावधान किसी विशेष योजना के तहत किया जाए। मौके पर काउंसिल अध्यक्ष भागीरथ राय, सोहन सिंह भंगू, यादविंदर निर्माण, दर्शन सिंह मोरांवाली, चमकौर सिंह, अच्छरू गोयल, नरिंदर सिंह ठेकेदार मौजूद थे।
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वित्त मंत्री ने कहा कि धान के एमएसपी में 60 रुपये की बढोत्तरी कम है क्योंकि महंगाई दर 6 या 7 फीसदी के बीच है। ऐसे में एमएसपी कम से कम दस फीसदी बढ़ना चाहिए। अकाली दल ने केंद्र से लिखित तौर पर मांग की है कि धान का एमएसपी कम से कम 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जाए। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में किसानों को फसली कर्ज देने की घोषणा को जल्द अमली रूप दिया जाएगा जिससे किसानों को भारी राहत मिलेगी।
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इसके अलावा केंद्र से भी मांग की गई है कि उद्योगों की तर्ज पर किसानी को भी वन टाइम सेटलमेंट योजना के दायरे में लाया जाए और बिना ब्याज के कर्ज देने का प्रावधान किसी विशेष योजना के तहत किया जाए। मौके पर काउंसिल अध्यक्ष भागीरथ राय, सोहन सिंह भंगू, यादविंदर निर्माण, दर्शन सिंह मोरांवाली, चमकौर सिंह, अच्छरू गोयल, नरिंदर सिंह ठेकेदार मौजूद थे।
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