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नोटबंदी का विरोध, मुलाजिमों ने उगला गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 20 Dec 2016 03:13 PM IST
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पटियाला में मिनी सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ रोष रैली करते मुलाजिम।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब और यूटी मुलाजिम संघर्ष कमेटी के आह्वान पर मिनी सचिवालय के आगे बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के मुलाजिमों और मजदूर वर्ग ने रोष रैली की। इस मौके पर विभिन्न विभागों में मुलाजिमों को नियमित करने, छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट जल्द लागू करने के साथ कई मांग की गईं। इनके पूरा न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी गई।
इस रैली को संबोधित करते हुए पंजाब सबार्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि सरकार की ओर से कहा गया था कि एक लाख 25 हजार मुलाजिम के पद नियमित करके इनपर भरती की जाएगी। छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट जल्द लागू की जाएगी।
कांट्रेक्ट पर रखे कच्चे कर्मचारी और पार्ट टाइम स्वीपर पक्के किए जाएंगे। इसके साथ ही कहा गया था कि 27 हजार मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा। इस मामले में सरकार टाल मटोल कर मुलाजिमों और मजदूरों को गुमराह करके उनके हक से वंचित कर रही है।
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मुलाजिम नेता कर्मचंद भारद्वाज ने नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा कि इससे सबसे ज्यादा परेशान मजदूर, मुलाजिम और किसान हैं। जनता को अपना पैसा बैंकों से निकलवाने के लिए कई -कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। नोटबंदी का देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर है। जबकि कारपोरेट घरानों को खुली रियायत दी जा रही हैं।
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इस रैली को संबोधित करते हुए पंजाब सबार्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि सरकार की ओर से कहा गया था कि एक लाख 25 हजार मुलाजिम के पद नियमित करके इनपर भरती की जाएगी। छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट जल्द लागू की जाएगी।
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कांट्रेक्ट पर रखे कच्चे कर्मचारी और पार्ट टाइम स्वीपर पक्के किए जाएंगे। इसके साथ ही कहा गया था कि 27 हजार मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा। इस मामले में सरकार टाल मटोल कर मुलाजिमों और मजदूरों को गुमराह करके उनके हक से वंचित कर रही है।
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मुलाजिम नेता कर्मचंद भारद्वाज ने नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा कि इससे सबसे ज्यादा परेशान मजदूर, मुलाजिम और किसान हैं। जनता को अपना पैसा बैंकों से निकलवाने के लिए कई -कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। नोटबंदी का देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर है। जबकि कारपोरेट घरानों को खुली रियायत दी जा रही हैं।