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पंजाबी से मुंह फेर रहा माता गुजरी कॉलेज
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब
Updated Mon, 02 May 2016 03:00 PM IST
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माता गुजरी कालेज के मुख्य रास्ते पर लगाअंग्रेजी में कालेज के उद्देश्य को दर्शाता साईन बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
1957 से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अधीन चल रहे माता गुजरी कॉलेज में मौजूदा समय में सभी नियम, कानून और कायदे अंग्रेजी भाषा में लिखे गए हैं। कॉलेज के गेट गलियारे से लेकर, विभागों, ब्लाक, कक्षाओं, कैंटीन और कॉलेज वेबसाइट पर अंग्रेजी का पूरा दबदबा है। केवल प्रिंसिपल के नाम की तख्ती अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में है। जहां पंजाबी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अंग्रेजी, पंजाबी में जानकारी लेने का विकल्प है, माता गुजरी कॉलेज की वेबसाइट में सारी जानकारी अंग्रेजी में ही है। इससे विद्यार्थियों में खासा रोष है।
प्रसिद्ध लेखक, साहित्यकार और इतिहासकार डॉ. हरचंद सिंह सरहंदी ने कहा कि पंजाब के पास अमीर कविताओं का खजाना है। स्लोगन श्री गुरु ग्रंथ साहिब में से भी लिए जा सकते हैं, क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में हर विषय पर श्लोक हैं। पंजाबी को अपनाना किसी पर अहसान नहीं है बल्कि हर एक व्यक्ति का फर्ज है। साहित्यकार और लेखिका परमजीत कौर सरहिंद ने कहा कि एसजीपीसी में यदि पंजाबी भाषा को अनदेखा किया जा रहा है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कॉलेज कैंपस में सभी बोर्ड पंजाबी भाषा में लिखकर लगाने की मांग की।
पंजाबी में भी सूचना दी गई है : प्रिंसिपल
कॉलेज में अंग्रेजी के साथ पंजाबी भाषा में भी सारी जानकारी दी गई है। जल्द ही वेबसाइट को विकसित कर पंजाबी भाषा में कर दिया जाएगा। कॉलेज में पंजाब से बाहर के विद्यार्थी भी पढ़ने आते हैं, जिनको पंजाबी समझ में नहीं आती। उनकी सुविधा के लिए ज्यादातर अंग्रेजी लिखी गई हैं। अगर कहीं ऐसी बात सामने आई है तो इसमें सुधार किया जाएगा।
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डॉ. जतिंदर सिंह सिद्धू, डायरेक्टर प्रिंसिपल
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प्रसिद्ध लेखक, साहित्यकार और इतिहासकार डॉ. हरचंद सिंह सरहंदी ने कहा कि पंजाब के पास अमीर कविताओं का खजाना है। स्लोगन श्री गुरु ग्रंथ साहिब में से भी लिए जा सकते हैं, क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में हर विषय पर श्लोक हैं। पंजाबी को अपनाना किसी पर अहसान नहीं है बल्कि हर एक व्यक्ति का फर्ज है। साहित्यकार और लेखिका परमजीत कौर सरहिंद ने कहा कि एसजीपीसी में यदि पंजाबी भाषा को अनदेखा किया जा रहा है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कॉलेज कैंपस में सभी बोर्ड पंजाबी भाषा में लिखकर लगाने की मांग की।
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पंजाबी में भी सूचना दी गई है : प्रिंसिपल
कॉलेज में अंग्रेजी के साथ पंजाबी भाषा में भी सारी जानकारी दी गई है। जल्द ही वेबसाइट को विकसित कर पंजाबी भाषा में कर दिया जाएगा। कॉलेज में पंजाब से बाहर के विद्यार्थी भी पढ़ने आते हैं, जिनको पंजाबी समझ में नहीं आती। उनकी सुविधा के लिए ज्यादातर अंग्रेजी लिखी गई हैं। अगर कहीं ऐसी बात सामने आई है तो इसमें सुधार किया जाएगा।
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डॉ. जतिंदर सिंह सिद्धू, डायरेक्टर प्रिंसिपल