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मिनरल वाटर फर्म की बीस करोड़ टैक्स चोरी पकड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 12 Jan 2016 02:46 PM IST
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आबकारी एवं कर विभाग ने बिसलरी नाम का मिनरल वाटर बनाने वाली मेसर्स एशियन लैक हेल्थ फूड प्राइवेट लिमिटेड में करीब 20 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। विभाग ने फर्म पर टैक्स पर ब्याज और जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आबकारी एवं कर कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि फर्म ने पिछले चार सालों में 40 करोड़ रुपये की पानी की बोतलें अपनी हरियाणा की ब्रांच में स्टाक ट्रांसफर किया और उसका टैक्स नहीं दिया। सीएसटी एक्ट के मुताबिक दूसरे राज्यों को स्टाक ट्रांसफर करने पर कोई टैक्स नहीं बनता।
शक के आधार पर उन्होंने अपने हरियाणा के काउंटर पार्ट के साथ संपर्क किया। साथ ही विभाग के कुछ अफसरों को हरियाणा भेजा गया। उप आबकारी एवं कर कमिश्नर अंबाला ने अपनी रिपोर्ट में यह दर्शाया है कि उनके राज्य में 6.5 करोड़ का ही स्टाक ट्रांसफर हुआ है। जो यह साबित करता है कि 33 करोड़ रुपये का स्टाक ट्रांसफर बोगस है। इस बोगस ट्रांसफरों पर 4.71 करोड़ का टैक्स बनता है।
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इसके बाद फर्म की जांच कराई गई। जांच पाया गया कि पानी की बोतलें बनाने के लिए यह फर्म प्रीफोरमस का इस्तेमाल करती है, जिसमें पानी भर दिया जाता है। एक लीटर बोतल पानी बनाने के लिए 2.45 रुपये का प्रीफोरमस इस्तेमाल किया जाता है।
बिलों की छानबीन करने पर यह पाया गया कि प्रीफोरमस की कीमत पानी की बोतल पर 1/4 है। यह भी पाया गया कि साल 2013-14 में फर्म की कुल बिक्री 25 करोड़ रुपये है। प्रीफोरमस की खरीद के आधार पर पानी की बोतलों की गिनती करने पर पाया गया कि फर्म का असली टर्न ओवर 50 करोड़ रुपये है।
पिछले तीन सालों में इस फर्म ने 95 करोड़ की सेल को कहीं भी दिखाया नहीं है, जिस पर 15 करोड़ रुपये का टैक्स बनता है।
वर्मा ने बताया कि इस फर्म ने सरकार के सिंगल स्टेज टैक्सेशन स्कीम का दुरुपयोग किया है। यह फर्म एक लीटर की पानी की बोतल मेसर्स मैट्रो कैश एंड कैरी को 11 रुपये में बेचती है और अपने बाकी कारोबारी काम के लिए इसने अपनी एक सिस्टर कंसर्न मेसर्स नंदन ट्रेडर्स नाम की एक फर्म खोली है, जिसको यह एक लीटर पानी बोतल 8 रुपये में बेचती है।
इस हिसाब से फर्म ने एक पानी की बोतल पर तीन रुपये का टैक्स चोरी किया है। कमिश्नर ने बताया कि छानबीन जारी है। पंजाब वैट एक्ट 2005 के अधीन विभाग के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में फर्म पर बनता टैक्स समेत जुर्माना व ब्याज लगाया जाएगा।
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आबकारी एवं कर कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि फर्म ने पिछले चार सालों में 40 करोड़ रुपये की पानी की बोतलें अपनी हरियाणा की ब्रांच में स्टाक ट्रांसफर किया और उसका टैक्स नहीं दिया। सीएसटी एक्ट के मुताबिक दूसरे राज्यों को स्टाक ट्रांसफर करने पर कोई टैक्स नहीं बनता।
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शक के आधार पर उन्होंने अपने हरियाणा के काउंटर पार्ट के साथ संपर्क किया। साथ ही विभाग के कुछ अफसरों को हरियाणा भेजा गया। उप आबकारी एवं कर कमिश्नर अंबाला ने अपनी रिपोर्ट में यह दर्शाया है कि उनके राज्य में 6.5 करोड़ का ही स्टाक ट्रांसफर हुआ है। जो यह साबित करता है कि 33 करोड़ रुपये का स्टाक ट्रांसफर बोगस है। इस बोगस ट्रांसफरों पर 4.71 करोड़ का टैक्स बनता है।
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इसके बाद फर्म की जांच कराई गई। जांच पाया गया कि पानी की बोतलें बनाने के लिए यह फर्म प्रीफोरमस का इस्तेमाल करती है, जिसमें पानी भर दिया जाता है। एक लीटर बोतल पानी बनाने के लिए 2.45 रुपये का प्रीफोरमस इस्तेमाल किया जाता है।
बिलों की छानबीन करने पर यह पाया गया कि प्रीफोरमस की कीमत पानी की बोतल पर 1/4 है। यह भी पाया गया कि साल 2013-14 में फर्म की कुल बिक्री 25 करोड़ रुपये है। प्रीफोरमस की खरीद के आधार पर पानी की बोतलों की गिनती करने पर पाया गया कि फर्म का असली टर्न ओवर 50 करोड़ रुपये है।
पिछले तीन सालों में इस फर्म ने 95 करोड़ की सेल को कहीं भी दिखाया नहीं है, जिस पर 15 करोड़ रुपये का टैक्स बनता है।
वर्मा ने बताया कि इस फर्म ने सरकार के सिंगल स्टेज टैक्सेशन स्कीम का दुरुपयोग किया है। यह फर्म एक लीटर की पानी की बोतल मेसर्स मैट्रो कैश एंड कैरी को 11 रुपये में बेचती है और अपने बाकी कारोबारी काम के लिए इसने अपनी एक सिस्टर कंसर्न मेसर्स नंदन ट्रेडर्स नाम की एक फर्म खोली है, जिसको यह एक लीटर पानी बोतल 8 रुपये में बेचती है।
इस हिसाब से फर्म ने एक पानी की बोतल पर तीन रुपये का टैक्स चोरी किया है। कमिश्नर ने बताया कि छानबीन जारी है। पंजाब वैट एक्ट 2005 के अधीन विभाग के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में फर्म पर बनता टैक्स समेत जुर्माना व ब्याज लगाया जाएगा।