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नाट उत्सव में नाटक कल आज ते भलक का सफल मंचन
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 29 Mar 2016 10:15 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में नाट उत्सव के दौरान नाटक का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : amarujala
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के थियेटर और टेलीविजन विभाग की ओर से पंजाब संगीत नाटक अकादमी और पंजाब आर्ट थियेटर के सहयोग से विश्व रंगमंच दिवस व डा. हरचरन सिंह की जन्म शताब्दी के मौके पर नाट उत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रोफेसर गुरचरन सिंह की डायरेक्शन के अधीन तैयार डा. हरचरन सिंह का प्रसिद्ध नाटक ‘कल आज ते भलक’ कला भवन में मंचित किया गया।
इसी समागम के तहत सीनेट हाल में डा. हरचरन सिंह-जीवन व रचना विषय पर एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन वीसी डा. जसपाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि नाटककार हरचरन सिंह के नाटक कल आज ते भलक से उनकी दूरदृष्टि व सामाजिक प्रतिबद्धता का पता चलता है। उन्होंने घोषणा की कि विभाग की ओर से हर साल एक होनहार स्टूडेंट को डा. हरचरन सिंह स्कालरशिप व नए नाटककार को हरचरन सिंह नाट पुरस्कार दिया जाया करेगा। इस मौके पर वीसी ने डा. कमलेश उप्पल की ओर से लिखित पुस्तक नाटक कला-सरूप व सिद्धांत रिलीज की।
केवल धालीवाल ने पंजाबी थियेटर की आज की स्थिति में सुधार लाने के प्रयासों के बारे में विचार पेश किए। इस नाट उत्सव और सेमिनार में हरजिंदर कौर, सुदेश शर्मा, हरबख्श लाटा समेत डा. निवेदिता उप्पल, प्रोफेसर धनवंत कौर, डा. अमृतपाल कौर, डा. गुरनाम सिंह, डा. सुनीता धीर, डा. गुरचरन सिंह, डा. भीमइंद्र सिंह शामिल हुए। इस मौके पर तेज भान गांधी की डायरेक्शन में डा. हरचरन सिंह का नाटक रता सालू पेश किया गया।
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इसी समागम के तहत सीनेट हाल में डा. हरचरन सिंह-जीवन व रचना विषय पर एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन वीसी डा. जसपाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि नाटककार हरचरन सिंह के नाटक कल आज ते भलक से उनकी दूरदृष्टि व सामाजिक प्रतिबद्धता का पता चलता है। उन्होंने घोषणा की कि विभाग की ओर से हर साल एक होनहार स्टूडेंट को डा. हरचरन सिंह स्कालरशिप व नए नाटककार को हरचरन सिंह नाट पुरस्कार दिया जाया करेगा। इस मौके पर वीसी ने डा. कमलेश उप्पल की ओर से लिखित पुस्तक नाटक कला-सरूप व सिद्धांत रिलीज की।
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केवल धालीवाल ने पंजाबी थियेटर की आज की स्थिति में सुधार लाने के प्रयासों के बारे में विचार पेश किए। इस नाट उत्सव और सेमिनार में हरजिंदर कौर, सुदेश शर्मा, हरबख्श लाटा समेत डा. निवेदिता उप्पल, प्रोफेसर धनवंत कौर, डा. अमृतपाल कौर, डा. गुरनाम सिंह, डा. सुनीता धीर, डा. गुरचरन सिंह, डा. भीमइंद्र सिंह शामिल हुए। इस मौके पर तेज भान गांधी की डायरेक्शन में डा. हरचरन सिंह का नाटक रता सालू पेश किया गया।
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