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---पंजाब के कोने-कोने से पटियाला में जुटे बिजली मुलाजिम-- पावरकाम हेडआफिस सामने जाम लगाकर दिया धरना, निकाला मार्च
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पटियाला। मांगों को लेकर पंजाब सरकार व मैनेजमेंट के अडियल रवैये से भड़के बिजली मुलाजिम प्रदेश के कोने-कोने से शहर में इकट्ठा हुए। जिन्होंने पावरकाम हेडआफिस के सामने माल रोड जाम करके जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बाद में बाजारों से मार्च भी निकाला।
इस मौके निजीकरण व ठेकेदारी सिस्टम का विरोध करने के साथ-साथ बर्खास्त किए बिजली मुलाजिम नेताओं को बहाल करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। टेक्निकल सर्विसेज यूनियन के बैनर तले दिए इस धरने में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
इस मौके बिजली मुलाजिम नेता भरपूर सिंह मांगट, रछपाल सिंह, बनारसी दास ने कहा कि पावरकाम मैनेजमेंट की ओर से निजीकरण व ठेकेदारी सिस्टम के खिलाफ बिजली मुलाजिमों के संघर्ष को दबाने के लिए जत्थेबंदी के कुछ नेताओं को विभागीय जांच में निर्दोष पाए जाने के बावजूद डिसमिस कर दिया गया था।
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मुक्तसर व फरीदकोट सर्कल के 16 नेताओं को सस्पेंड व दर्जनों नेताओं के दूर स्थानों पर तबादले कर दिए गए थे। साल 2009 में लंबे संघर्ष के बाद हालांकि इनको बहाल कर दिया गया था। इस मौके बिजली बिल 2021 को खत्म करने की केंद्र से मांग के साथ-साथ किसान विरोधी खेती कानूनों को पहल के आधार पर रद्द करने की मांग की गई।
इसके साथ बिजली मुलाजिमों को पंजाब सरकार के मुलाजिमों के बराबर पे बैंड व ग्रेड पे की अदायगी करने और बिजली मुलाजिमों की सेवा शर्तों में तबदीली न करने की मांग की गई।
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इस मौके निजीकरण व ठेकेदारी सिस्टम का विरोध करने के साथ-साथ बर्खास्त किए बिजली मुलाजिम नेताओं को बहाल करने समेत और कई मांगें उठाई गईं। टेक्निकल सर्विसेज यूनियन के बैनर तले दिए इस धरने में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
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इस मौके बिजली मुलाजिम नेता भरपूर सिंह मांगट, रछपाल सिंह, बनारसी दास ने कहा कि पावरकाम मैनेजमेंट की ओर से निजीकरण व ठेकेदारी सिस्टम के खिलाफ बिजली मुलाजिमों के संघर्ष को दबाने के लिए जत्थेबंदी के कुछ नेताओं को विभागीय जांच में निर्दोष पाए जाने के बावजूद डिसमिस कर दिया गया था।
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मुक्तसर व फरीदकोट सर्कल के 16 नेताओं को सस्पेंड व दर्जनों नेताओं के दूर स्थानों पर तबादले कर दिए गए थे। साल 2009 में लंबे संघर्ष के बाद हालांकि इनको बहाल कर दिया गया था। इस मौके बिजली बिल 2021 को खत्म करने की केंद्र से मांग के साथ-साथ किसान विरोधी खेती कानूनों को पहल के आधार पर रद्द करने की मांग की गई।
इसके साथ बिजली मुलाजिमों को पंजाब सरकार के मुलाजिमों के बराबर पे बैंड व ग्रेड पे की अदायगी करने और बिजली मुलाजिमों की सेवा शर्तों में तबदीली न करने की मांग की गई।