{"_id":"6237525243177f45f748f668","slug":"hijab-controversy-dacoits-on-minority-girls-right-to-education-charanjit-kaur-patiala-news-pkl4451818110","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिजाब विवाद अल्पसंख्यक लड़कियों के शिक्षा के अधिकार पर डाका-चरनजीत कौर हालात बदलने को महिलाओं को खुद आगे बढ़ आवाज बुलंद करनी होग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिजाब विवाद अल्पसंख्यक लड़कियों के शिक्षा के अधिकार पर डाका-चरनजीत कौर हालात बदलने को महिलाओं को खुद आगे बढ़ आवाज बुलंद करनी होग
विज्ञापन
पटियाला। स्त्री जागृति मंच की ओर से रविवार को तर्कशील हाल में एक समागम कराया गया। इस मौके पर हिजाब विवाद को मुस्लिम अल्पसंख्यक लड़कियों के पढ़ाई हासिल करने के संवैधानिक हक पर डाका बताया गया। इसके साथ रूस की ओर से यूक्रेन पर थोपी जंग की निंदा की गई। इस समागम की मुख्य मेहमान मंच की प्रदेश उप प्रधान चरनजीत कौर ने कहा कि ऐसा समय जब रूस ने यूक्रेन के लोगों पर युद्ध थोपा हुआ है।
केंद्र सरकार शक्तियों के केंद्रीयकरण तहत पंजाब के हकों पर लगातार डाका डाल रही है। इन हालात में समाज में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। पहले विश्व युद्ध के समय भी रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति के नारे के अंतर्गत महिलाओं को लामबंद करते हुए विश्व युद्ध के खिलाफ एक योग्य अगुवाई का सबूत दिया था। उसने आगे कहा कि भारत में भी केंद्र की भाजपा सरकार लगातार मनु स्मृति के सिद्धांत को लागू करने में लगी है। जिसके तहत मेहनतकश जनता के साथ-साथ महिलाओं की हर तरह की आजादी पर लगातार प्रतिबंध लगाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि हिजाब जैसे विवाद खड़े करके मुस्लिम लड़कियों को पढ़ाई से दूर करने की कोशिश की गई थी।
नई शिक्षा नीति के तहत लड़कियों को पढ़ाई से दूर करने की कोशिश जारी हैं। महिलाओं द्वारा संघर्ष करके बनवाए गए कानूनों का पैनापन लगातार कम किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा का सवाल आज भी ज्यों का त्यों खड़ा है। मंच की ओहेददार अमनदीप कौर ने कहा कि महिलाओं को समाज में अपने हालातों को बदलने के लिए खुद आगे आकर आवाज बुलंद करनी पड़ेगी। उन्होंने मांग की कि बेसहारा व घरों से निकाली महिलाओं के लिए कई जिलों के अंदर शार्ट स्टे और लांग स्टे शेल्टर होम बनाए जाएं। इसके साथ कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए उनके दफ्तरों के अंदर क्रेच बनाए जाएं और पारिवारिक झगड़े वाले केसों में अदालत के जरिये महिलाओं को दिए जाने वाले खर्चे संबंधी अदालतों को पाबंद किया जाए। इस मौके पर किसानी आंदोलन में सराहनीय योगदान डालने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार शक्तियों के केंद्रीयकरण तहत पंजाब के हकों पर लगातार डाका डाल रही है। इन हालात में समाज में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। पहले विश्व युद्ध के समय भी रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति के नारे के अंतर्गत महिलाओं को लामबंद करते हुए विश्व युद्ध के खिलाफ एक योग्य अगुवाई का सबूत दिया था। उसने आगे कहा कि भारत में भी केंद्र की भाजपा सरकार लगातार मनु स्मृति के सिद्धांत को लागू करने में लगी है। जिसके तहत मेहनतकश जनता के साथ-साथ महिलाओं की हर तरह की आजादी पर लगातार प्रतिबंध लगाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि हिजाब जैसे विवाद खड़े करके मुस्लिम लड़कियों को पढ़ाई से दूर करने की कोशिश की गई थी।
विज्ञापन
नई शिक्षा नीति के तहत लड़कियों को पढ़ाई से दूर करने की कोशिश जारी हैं। महिलाओं द्वारा संघर्ष करके बनवाए गए कानूनों का पैनापन लगातार कम किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा का सवाल आज भी ज्यों का त्यों खड़ा है। मंच की ओहेददार अमनदीप कौर ने कहा कि महिलाओं को समाज में अपने हालातों को बदलने के लिए खुद आगे आकर आवाज बुलंद करनी पड़ेगी। उन्होंने मांग की कि बेसहारा व घरों से निकाली महिलाओं के लिए कई जिलों के अंदर शार्ट स्टे और लांग स्टे शेल्टर होम बनाए जाएं। इसके साथ कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए उनके दफ्तरों के अंदर क्रेच बनाए जाएं और पारिवारिक झगड़े वाले केसों में अदालत के जरिये महिलाओं को दिए जाने वाले खर्चे संबंधी अदालतों को पाबंद किया जाए। इस मौके पर किसानी आंदोलन में सराहनीय योगदान डालने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन