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पटियाला के मोदी कालेज के स्टूडेंट रहे थे गुरचरन चन्नी
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कोरोना से जिंदगी की जंग हारने वाले जाने-माने थियेटर व टीवी शख्सियत गुरचरण सिंह चन्नी पटियाला के मुल्तानी मल मोदी कॉलेज के पुराने छात्र रहे हैं। शुक्रवार को उनकी याद में कॉलेज कैंपस में एलुमनी एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई।
इस मौके पर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर सुरिंदर लाल ने बताया कि स्वर्गीय चन्नी 1967 में मोदी कॉलेज के पहले बैच में विद्यार्थी थे। उन्होंने 1970 में ग्रेजुएशन पास की थी। कॉलेज के मौजूदा प्रिंसिपल डॉ. खुशविंदर कुमार ने बताया कि काफी पुराने छात्र होने के बावजूद वह अब तक कॉलेज से जुड़े हुए थे। पिछले साल कॉलेज की तरफ से एलुमनी एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक की गई। इसमें वह मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में बीते अपने पलों को याद किया था और पुराने अध्यापकों के साथ अपने अनुभव को सांझा किया था।
प्रोफेसर सुरिंदर लाल ने कहा कि चन्नी ने रंगकर्मी के तौर पर जो मुकाम और सफलता हासिल की थी, उस पर कॉलेज को सदैव मान रहेगा। उनका जाना कला जगह के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
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उधर पंजाबी यूनिवर्सिटी की आर्ट फैकेल्टी ने भी रंगकर्मी गुरचरन सिंह चन्नी के निधन पर शोक जताया है। थियेटर विभाग की प्रमुख डॉ. जसपाल कौर ने बताया कि जब भी थियेटर विभाग के विद्यार्थियों के लिए वर्कशॉप रखी जाती थी, उसमें चन्नी भाग लेते थे।
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इस मौके पर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर सुरिंदर लाल ने बताया कि स्वर्गीय चन्नी 1967 में मोदी कॉलेज के पहले बैच में विद्यार्थी थे। उन्होंने 1970 में ग्रेजुएशन पास की थी। कॉलेज के मौजूदा प्रिंसिपल डॉ. खुशविंदर कुमार ने बताया कि काफी पुराने छात्र होने के बावजूद वह अब तक कॉलेज से जुड़े हुए थे। पिछले साल कॉलेज की तरफ से एलुमनी एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक की गई। इसमें वह मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में बीते अपने पलों को याद किया था और पुराने अध्यापकों के साथ अपने अनुभव को सांझा किया था।
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प्रोफेसर सुरिंदर लाल ने कहा कि चन्नी ने रंगकर्मी के तौर पर जो मुकाम और सफलता हासिल की थी, उस पर कॉलेज को सदैव मान रहेगा। उनका जाना कला जगह के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
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उधर पंजाबी यूनिवर्सिटी की आर्ट फैकेल्टी ने भी रंगकर्मी गुरचरन सिंह चन्नी के निधन पर शोक जताया है। थियेटर विभाग की प्रमुख डॉ. जसपाल कौर ने बताया कि जब भी थियेटर विभाग के विद्यार्थियों के लिए वर्कशॉप रखी जाती थी, उसमें चन्नी भाग लेते थे।