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हड़ताल पर राजिंदरा अस्पताल की नर्सें, ओपीडी के बाहर धरना-प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 28 Oct 2016 02:44 PM IST
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पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में हड़ताल के दौरान नारेबाजी करती नर्से।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सरकार के फैसले से नाखुश सरकारी राजिंदरा अस्पताल की नर्सों ने दोबारा काम छोड़ो हड़ताल करने का फैसला लिया। गुस्साई नर्सों ने ओपीडी के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
इस मौके पर नर्सिंग स्टाफ की प्रधान कर्मजीत कौर औलख ने कहा कि सरकार की ओर से हमें केवल बेसिक पे पर पक्का किया गया है, जो सौतेला व्यवहार है। पिछले समय के दौरान 22 जुलाई 2016 को हुई बैठक में सीएम प्रकाश सिंह बादल की ओर से बनते भत्ते और 33 प्रतिशत की किश्त और साथ ही ग्रेड पे देने और रेगुलर करने का वादा किया गया था। जबकि शिक्षा विभाग के मुलाजिम जो पहले ही पूरे स्केल ले रहे हैं, उनको उसी पे स्केल पर रेगुलर कर दिया गया है।
नर्सें पहले ही बहुत कम पे स्केल पर तीनों शिफ्टों में ड्यूटी निभा रही हैं। ऐसा करके सरकार ने सेहत विभाग और शिक्षा विभाग में बहुत बड़ा पक्षपात पैदा कर दिया है। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार से अपील की कि सेहत विभाग के कर्मचारियों को पूरा पे स्केल देकर रेगुलर किया जाए। मांग की गई कि सरकार जल्द ही इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी करे, नहीं तो मजबूरन नर्सों को आंदोलन तेज करना पड़ेगा। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। इस मौके पर मुख्य सलाहकार मलप्रीत कौर चंदड़, जसमीत कौर, हरजीत कौर, अमनप्रीत चौहान, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर नर्सिंग स्टाफ की प्रधान कर्मजीत कौर औलख ने कहा कि सरकार की ओर से हमें केवल बेसिक पे पर पक्का किया गया है, जो सौतेला व्यवहार है। पिछले समय के दौरान 22 जुलाई 2016 को हुई बैठक में सीएम प्रकाश सिंह बादल की ओर से बनते भत्ते और 33 प्रतिशत की किश्त और साथ ही ग्रेड पे देने और रेगुलर करने का वादा किया गया था। जबकि शिक्षा विभाग के मुलाजिम जो पहले ही पूरे स्केल ले रहे हैं, उनको उसी पे स्केल पर रेगुलर कर दिया गया है।
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नर्सें पहले ही बहुत कम पे स्केल पर तीनों शिफ्टों में ड्यूटी निभा रही हैं। ऐसा करके सरकार ने सेहत विभाग और शिक्षा विभाग में बहुत बड़ा पक्षपात पैदा कर दिया है। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार से अपील की कि सेहत विभाग के कर्मचारियों को पूरा पे स्केल देकर रेगुलर किया जाए। मांग की गई कि सरकार जल्द ही इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी करे, नहीं तो मजबूरन नर्सों को आंदोलन तेज करना पड़ेगा। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। इस मौके पर मुख्य सलाहकार मलप्रीत कौर चंदड़, जसमीत कौर, हरजीत कौर, अमनप्रीत चौहान, प्रदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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